आईएमए के प्रदेश सचिव और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीबी जिंदल के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को तापमान के अनुरूप ढलने में समय लगता है। लगातार गर्मी और उमस के बीच अचानक ठंडे वातावरण में जाने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना, खानपान का ध्यान रखना और संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। एमएमजी अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन डॉ. इमरान के अनुसार वायरल संक्रमण में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अधिकांश मरीजों में बीमारी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
वायरल और बुखार के मुख्य कारण
मौसम में अचानक बदलाव और तापमान का उतार चढ़ाव, गर्मी और उमस में वायरस का तेजी से फैलना, गंदा पानी या दूषित भोजन का सेवन, इस तरह से करें बचाव पर्याप्त मात्रा में साफ पानी और तरल पदार्थ लेते रहें, बाहर से आने के बाद हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं, ताजा और साफ भोजन करें तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।