मोदीनगर। अहमदाबाद में आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान स्टेडियम को बम से उड़ाने के मामले में अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार को मोदीनगर के बिसोखर स्थित एक मकान में छापा मारकर जुनैद और उसकी बहन रिहाना को हिरासत में लिया है। टीम ने यहां से मिनी टेलिफोन एक्सचेंज की तरह संचालित होने वाला एक सिम बॉक्स और सेटेलाइट फोन व कुछ अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले के तार खालिस्तान समर्थकों से जुड़े भी बताए जा रहे हैं। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का एक मैच 9 मार्च से अहमदाबाद के स्टेडियम में खेला गया था। इस दौरान 8 से 11 मार्च तक भारत दौरे पर आए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस भी मैच देखने के लिए अहमदाबाद गए थे। इसी दौरान खालिस्तान समर्थकों की ओर से ऑस्ट्रेलिना के प्रधानमंत्री एंथनी को रसीव करने वाले को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस मामले में अहमदाबाद पुलिस ने विभिन्न समूहों के बीच सद्भाव बिगाड़ने और राष्ट्रीय एकता को खंडित करने, षड़यंत्र करने समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट कर जांच शुरू कर दी थी। मामले में लगी अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मध्यप्रदेश से दो लोगों को पकड़ा था। इनसे पूछताछ के आधार पर इसके तार मेरठ के मवाना क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी मिली। अहमदाबाद पुलिस ने कॉल को ट्रेस किया तो पता चला कि कॉल करने वाला आरोपी मवाना का रहने वाला है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने पहले मवाना में दबिश देकर आरोपी जुनैद को दबोचा और फिर मोदीनगर थाने में आमद दर्ज कराकर बिसोखर में उसके जीजा अशफाक के एक मकान में छापा मारा। यहां से उसकी बहन रिहाना को हिरासत में लिया है। अशफाक सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी करता है। जुनैद का भाई उम्मेद भी इस मामले में शामिल रहा है, वह फरार है। टीम इन दोनों को लेकर गुजरात चली गई है। बिसोखर निवासी अशफाक सऊदी में चालक का काम करता है। मामले के तार वहां से भी जुड़ रहें।
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अशफाक के घर में चल रहा था टेलीफोन एक्सचेंज
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने बिसोखर स्थित अशफाक के घर दबिश दी तो वहां ऊपरी मंजिल पर टेलीफोल एक्सचेंज संचालित मिला। यहां से पुलिस को एम्लीफायर, अत्याधुनिक सिम बॉक्स, छह मोबाइल, पैन ड्राइव, सैटेलाइट फोन सहित कई उपकरण बरामद हुए। बताया गया है कि इन उपकरणों के माध्यम से की गई कॉल को ट्रेस नहीं किया जा सकता था। यहां से रोजाना करीब 25 से 26 हजार कॉल की जा रही थीं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच 20 दिन से आरोपियों की तलाश में थी। वह आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही थी।
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दो माह पूर्व बनाया गया था कमरा
बिसोखर में जिस मकान पर छापा मारा गया है, वहां अभी दो माह पूर्व भी पहली मंजिल पर कमरे का निर्माण किया गया था। कमरे में अभी प्लास्टर भी नही हुआ है। अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच की टीम ने यहां छापा मारा तो वहां बड़ी संख्या में लोग जुट गए। आसपास के लोगों का कहना था कि इस मकान में चलने वाली गतिविधियां संदिग्ध लगती थीं।
खुफिया विभाग की विफलता सामने आई
पास पड़ोसियों के अनुसार करीब दो माह पूर्व कमरा बना गया था। काफी समय से मकान की गतिविधियां संदिग्ध थी। यहां फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। मगर स्थानीय खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
गुजरात की अहमदाबाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को थाने में आमद कराई थी। वह बिसोखर से दो लोगों को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। - रितेश त्रिपाठी,एसीपी मोदीनगर