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Ghaziabad News: उम्र 24, मुकदमे 21...तीन जिलों के कई थानों से वांछित है हिस्ट्रीशीटर कादिर उर्फ मंटर

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गाजियाबाद। जरायम की दुनिया में 24 वर्षीय कादिर उर्फ मंटर चोरी, लूट, छिनैती और अवैध वसूली जैसी कई आपराधिक घटनाओं का आरोपी है। मसूरी में पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए कादिर पर 21 मुकदमे हैं और तीन जिलों के कई थानों में वह वांछित है। कई वर्षों से अपराध कर रहे कादिर उर्फ मंटर ने अपना गिरोह बना रखा है और अनैतिक रूप से कमाई संपत्ति का मालिक है। उसका छोटा भाई आदिल भी कई वारदातों में कादिर की सहायता कर चुका है। हालांकि पुलिस रिकार्ड में अब आदिल का नाम सिपाही सौरभ देशवाल की हत्या में प्रकाश में आया है।
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मसूरी थाना क्षेत्र के गांव नहाल में कई ऐसे बदमाश हैं जो एनसीआर में चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देते हैं, लेकिन सबसे चर्चित नाम कादिर उर्फ मंटर का है। सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर का कादिर अधिकांश परिवार से अलग रहता है और लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर घर और आसपास के जंगलों में पनाह लेता है। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। कादिर के दो बड़े भाई नौशर अहमद व खालिद मसूरी में ही मोहम्मद उमर मार्केट में टायरों पर रबर चढ़ाने का काम करते हैं। वहीं उसका छोटा भाई आदिल अपने पिता के साथ खेती करता है। तीन बहनों में एक कादिर से बड़ी है और बाकी दो छोटी हैं। सबसे बड़े भाई नौशर अहमद की शादी हुई है, जबकि कादिर व अन्य अविवाहित हैं।

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि कादिर के खिलाफ मसूरी और कविनगर थाने में 10 मुकदमे दर्ज हैं। इसका आपराधिक इतिहास खंगाला गया तो चार मुकदमे गौतमबुद्धनगर और सात मुकदमे जनपद मुजफ्फरनगर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। 21 मुकदमों में सभी चोरी, लूट, छिनैती और अवैध वसूली के हैं।
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मुजफ्फरनगर में बनाया गिरोह



पुलिस जांच में सामने आया है कि कादिर उर्फ मंटर एनसीआर क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर मुजफ्फरनगर में पनाह लेता है। वहां भी इसके करीब छह-सात साथियों के नाम उजागर हुए हैं। जनपद मुजफ्फरनगर में इसने कई घटनाओं को अंजाम दिया है और सात मुकदमे दर्ज हैं। कई थानों में वह वांछित चल रहा है। तीन वर्ष पूर्व मसूरी पुलिस ने उसे जेल भेजा था। जमानत पाकर वह फिर से लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि कादिर के खिलाफ गौतमबुद्धनगर में चार, मुजफ्फरनगर में सात और मसूरी व कविनगर थाने में 10 मुकदमे दर्ज हैं। कई थानों से वांछित चल रहे कादिर उर्फ मंटर को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नहाल गांव में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। उसे सोमवार की दोपहर जेल भेज दिया गया है।

चार गांवों के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की निगरानी रखेगी पुलिस

गाजियाबाद। गौतमबुद्धनगर पुलिस पर पथराव और फायरिंग के बाद पुलिस आयुक्त ने मसूरी थाना क्षेत्र के गांव नहाल, डबारसी, सिकरोडा और वेव सिटी थाना क्षेत्र के डासना में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों पर निगरानी रखने को कहा है जिनके खिलाफ दो से अधिक मुकदमे हैं और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने की संभावना है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मसूरी और वेव सिटी क्षेत्र में कुछ गांवों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग रहते हैं। इनके संपर्क एनसीआर क्षेत्र में वारदात देने वाले कुख्यात अपराधियों से हैं। चोरी और लूट के साथ-साथ लोगों से अवैध वसूली और कानून का उलंघन करने की मंशा रखते हैं। ऐसे अराजक तत्वों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा और बीट पुलिसकर्मी इन पर निगरानी रखेंगे। अपराध में कमी और कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए इन गांवों से जो अपराधी जेल में हैं उनका भी ब्योरा और मुकदमों व जमानत पर बाहर आने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी। इनका आपराधिक इतिहास खंगाला जाएगा और जिन मामलों में जमानत नहीं हुई है उनमें जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही ग्राम चौकीदार और मुखबिरों को भी नजर रखने की हिदायत दी गई है। सर्वप्रथम मसूरी थाना क्षेत्र के गांव नहाल, डबारसी, सिकरोड़ा और वेव सिटी थाना क्षेत्र के डासना में रहने वालों पर निगरानी रखी जाएगी।
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