करोड़ों के घोटाले के आरोप में डासना जेल में बंद नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह के स्वास्थ्य जांच नहीं हो सकी है। कोर्ट ने 8 जून को सीएमओ गाजियाबाद को बोर्ड गठित करने को निर्देशित किया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद आज तक मेडिकल बोर्ड का गठन नहीं किया जा सका।
क्या था मामला:
यादव सिंह ने विगत माह सीबीआई कोर्ट में अर्जी देकर खुद को हाइपरटेंशन और स्लिप डिस्क की शिकायत बताते हुए गुहार लगाई थी कि उन्हें डासना जेल से कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान एंबुलेंस और व्हील चेयर उपलब्ध कराई जाए।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह और जांच अधिकारी ने इस पर ऐतराज जताते हुए कोर्ट को बताया था कि यादव सिंह की गिरफ्तारी के दौरान ही दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों से मेडिकल कराया जा चुका है और इस चेकअप में यादव सिंह पूरी तरह से फिट मिले थे।
दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने सीएमओ को निर्देशित किया था कि मेडिकल बोर्ड बनाकर यादव सिंह के स्वास्थ्य की जांच की जाए और जल्द से जल्द रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। कोर्ट का कहना था कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही यादव सिंह के लिए एंबुलेंस और व्हील चेयर उपलब्ध कराने के मामले में निर्णय किया जाएगा। तब तक निजी खर्च पर यादव सिंह को एंबुलेंस और व्हील चेयर की अनुमति दे दी गई थी।
अभी बोर्ड भी नहीं हुआ गठित:
21 दिन बीत जाने के बाद बोर्ड गठित न होने के मामले में बुधवार शाम जब सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल से फोन पर बात की गई तो उनका कहना था कि जिला संयुक्त अस्पताल के सीएमएस ने बोर्ड गठित किया होगा, जबकि सीएमएस डा. दिनेश शर्मा का कहना था कि उन्हें मामले की जानकारी ही नहीं है।
यादव सिंह की आज फिर है पेशी:
डासना जेल में बंद यादव सिंह, रामेंद्र सिंह और ठेकेदार वीके गोयल को बृहस्पतिवार को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। रामेंद्र सिंह और वीके गोयल को पुलिस वाहन से कोर्ट में पेश किया जाएगा। जबकि यादव सिंह अपने निजी खर्च से एंबुलेंस के माध्यम पुलिस हिरासत में कोर्ट में पेश होंगे।