गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय।
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सबहेड-- जीडीए ने इंद्रप्रस्थ, मधुबन और कौशांबी में 214 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को स्कीम में तब्दील करने का भेजा है प्रस्ताव -- इंद्रप्रस्थ व मधुबन में 2400 रुपए मासिक और कौशांबी में 3600 मासिक प्रस्तावित किया है किराया माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कामगारों को किराए पर ईडब्ल्यूएस फ्लैट मुहैया कराने के लिए लाई गई अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉप्लेक्स स्कीम को जल्द हरी झंडी मिलने की संभावना प्रबल हो गई है। योजना में केंद्र सरकार की ओर से नीतियों का निर्धारण करने के बाद राज्य सरकार ने नीतिगत मुद्दों पर काम शुरू कर दिया है। जीडीए ने मधुबन बापूधाम आवासीय योजना, इंद्रप्रस्थ योजना और कौशांबी योजना के 214 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉप्लेक्स में तब्दील करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। ऐसे में प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन जल्द फैसला ले सकता है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव में जीडीए ने मधुबन बापूधाम और इंद्रप्रस्थ आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस फ्लैट का संभावित मासिक किराया 2400 रुपए रखा है। जबकि कौशांबी योजना में ईडब्ल्यूएस फ्लैट का किराया 3600 रुपए प्रतिमाह प्रस्तावित किया है। प्राधिकरण ने क्षेत्र के सर्किल रेट के आधार पर किराए का निर्धारण किया गया है। जीडीए की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के वक्त शासन ने अपोजेबल रेंटल हाउसिंग कॉप्लेक्स योजना पर काम शुरू नहीं किया था। अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉप्लेक्स को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेंटल हाउसिंग में चयनित कॉप्लेक्स को 25 साल के लिए ठेके पर दिया जा सकता है। इसमें प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद ही ठेकेदार को कॉप्लेक्स में फ्लैट किराए पर देने का अधिकार होने, फ्लैटों का रखरखाव और किराएदारों को पानी, सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की बात शामिल की गई है। केंद्र की नीति का निर्धारण होने के बाद प्रदेश सरकार ने नीतिगत बिंदुओं पर काम शुरू कर दिया है। ऐसे में कामगारों को जल्द ईडब्ल्यूएस फ्लैट किराए पर देने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। जीडीए सीएटीपी आशीष शिवपुरी ने बताया कि अफॉर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉप्लेक्स को लेकर केंद्र सरकार ने नीतिगत बिंदुओं का निर्धारण कर दिया है। शासन की ओर से नीतिगत निर्णय लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। --------