राजनगर एक्सटेंशन के मोरटी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास अब एरोसिटी बसाने का रास्ता साफ हो गया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण सभागार में मंडलायुक्त भानुचन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की 171वीं बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
38 एकड़ में बनने वाला यह स्टेडियम प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के संयुक्त उपक्रम के तहत पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा। प्राधिकरण और यूपीसीए के ज्वाइंट वेंचर में बनने वाला यह स्टेडियम न केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करेगा, बल्कि इसके आसपास विकसित होने वाली एरोसिटी क्षेत्र की तस्वीर भी बदल देगी। योजना के तहत होटल, रिटेल शॉपिंग, फूड कोर्ट, कन्वेंशन सेंटर और एंटरटेनमेंट जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों को एक ही स्थान पर ठहरने, खाने-पीने और खरीदारी की सुविधा मिल सके।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बनेगी ताकत
एरोसिटी का प्रस्ताव एयरपोर्ट की नजदीकी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे ट्रांजिट यात्रियों और क्रिकेट दर्शकों दोनों को लाभ मिलेगा। मैच के दौरान हजारों दर्शकों की आवाजाही से स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं सामान्य दिनों में एरोसिटी व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बनेगी।
राजस्व में होगा इजाफा
पीपीपी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना से प्राधिकरण को दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होगा। जमीन के बेहतर उपयोग, वाणिज्यिक गतिविधियों और होटल-रिटेल संचालन से आय में वृद्धि की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ निवेश आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
खेल और कारोबार का संगम
38 एकड़ में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के साथ-साथ अन्य बड़े खेल और सांस्कृतिक आयोजन भी कराए जा सकेंगे। स्टेडियम और एरोसिटी का संयुक्त विकास खेल, पर्यटन और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इस परियोजना को शहर के एक्सटेंशन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में विकास की नई धुरी बनेगा।
सभी 25 प्रस्ताव पास
जीडीए बोर्ड बैठक में 25 प्रस्ताव रखे गए। सभी पास कर दिए गए हैं। पिछली बोर्ड बैठक स्वीकृत हो चुके प्रस्तावो की पुष्टि की गई।
नहीं बिक रहीं संपत्तियों की लगेगी सेल
लंबे समय से बिक नहीं रही सम्पत्तियों की लगेगी सेल। बिना ब्याज के मूल दर पर किस्तों में बेचे जाएंगे। घर लेना होगा आसान।
बजट हुआ पास, 3500 करोड़ की आय का लक्ष्य
बोर्ड बैठक में आय व्यय का लेखाजोखा रखा गया। 3500 करोड़ की आय और 3200 करोड़ खर्च का प्रस्ताव पास। पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी अधिक का रखा गया बजट।