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Ghaziabad News: तीन दिन काम पर लौटे अधिवक्ता फिर से गए हड़ताल पर

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गाजियाबाद। तीन दिन पहले शुक्रवार को काम पर लौटे अधिवक्ता सोमवार को फिर से हड़ताल पर चले गए। हापुड़ में लाठीचार्ज के विरोध में न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर रही गाजियाबाद बार एसोसिएशन ने इस बार और सख्ती दिखाई है। प्रस्ताव पास कर कहा गया है कि अगर हड़ताल के दौरान किसी अधिवक्ता का चैंबर खुला मिला तो उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, कचहरी परिसर के दुकानदारों से हड़ताल खत्म होने तक दुकानें बंद रखने के लिए कहा गया है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर दुकान खुली मिली तो पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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सोमवार की सुबह बार ने फिर से न्यायिक कार्य के बहिष्कार का एलान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता हापुड़ रवाना हो गए। उनका कहना था कि हापुड़ के वकीलों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले गाजियाबाद कचहरी के सभी गेट बंद करा दिए गए। वकीलों के चैंबर भी बंद हो गए।
पांच दिन पहले ही यह फरमान जारी कर दिया गया था कि कचहरी परिसर में अगर कोई टाइपिंग, फोटो स्टेट समेत अन्य कार्य करता हुआ मिला तो उससे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। वहीं वकीलों के एक गुट ने बार सभागार स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने बैठकर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस वजह से अदालत में पूरी तरह से कामकाज ठप रहा। पूर्व बार अध्यक्ष अधिवक्ता राकेश त्यागी काकड़ा व पूर्व सचिव दीपक शर्मा ने कहा कि डीएम और एसपी का तबादला नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं होने तक जारी रहेगा। अधिवक्ता मनमोहन शर्मा ने कहा कि पुलिस की बर्बरता का जवाब हम आंदोलन से दे रहे हैं। प्रदेश भर के सभी अधिवक्ता हमारे साथ हैं, हमारी जीत पक्की है। धरने में अधिवक्ता विनोद कुमार, सुमित अरोड़ा, देवेंद्र शर्मा, वीरेंद्र सिसोदिया, किशोर कुमार, ज्ञानेंद्र शर्मा, संजीव निगम, नितेश त्यागी, ऋषि पाल, मनोज नागवंशी, नौशाद खान, मोहम्मद अनीश, पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।


पुलिस आयुक्त कोर्ट में भी नहीं पेश होंगे अधिवक्ता
बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने हड़ताल का प्रस्ताव पारित करते हुए यह भी दिशा निर्देश जारी किया कि कोई भी अधिवक्ता 151आइपीसी के मामले में पुलिस आयुक्त कार्यालय में रिमांड पर जमानत नहीं कराएगा। नोटरी का कार्य भी पूरी तरह से बंद रहा। कचहरी परिसर में चाय/कॉफी, खाने-पीने, पानी वाला, टाइपिस्ट, फोटोकॉपी, स्टांप वेंडर स्टेशनरी प्रिंटआउट की दुकान भी बंद रहीं। किसी ने अगर दुकान खोली तो,उसे पर भी पांच हजार के जमाने से दंडित किया जाएगा।
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