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Ghaziabad News: जिला जज के तबादले की मांग पर अड़े अधिवक्ता

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बंद पड़े अधिवक्ताओं के चैंबर।  - फोटो : संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। कोर्ट परिसर में हुए लाठी चार्ज के खिलाफ वकीलों में गुस्सा है। लाठीचार्ज में घायल हुए पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जनपद न्यायाधीश को हटाने की मांग की है। इसके साथ ही घटना का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक वह धरने पर रहेंगे। वकीलों ने चार नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला किया है।

मंगलवार दोपहर हुए बवाल के बाद हाईकोर्ट को भेजे पत्र में नाहर सिंह यादव ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे जनपद न्यायाधीश की अदालत में बुलरेज की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करने के लिए केस के गवाह अधिवक्ता जितेंद्र सिंह के साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक यादव सहित कई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई की मांग करने लगे। अदालत में पहले से ही भीड़ थी। अधिवक्ताओं ने केस की सुनवाई करने या अन्य किसी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की। इस पर जनपद न्यायाधीश गुस्सा हो गए और कुर्सी से खड़े होकर गाली-गलौज करने लगे। गाउन फेंकने के बाद फोन कर फोर्स बुला ली और लाठीचार्ज करा दिया।
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चार नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना
अधिवक्ता नाहर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने वकीलों को दौड़ाकर पीटा है। वकीलों पर कुर्सी फेंकी गई, जिसमें कई वकील घायल हुए हैं। नाराज वकीलों ने बार सभागार में बैठक की। बैठक में नाहर सिंह यादव ने चार नवंबर से कोर्ट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है। लाठीचार्ज में घायल अधिवक्ता अभिषेक यादव का कहना है कि धोखाधड़ी के मुकदमे में जिला जज अनिल कुमार के यहां सुनवाई थी। उन्होंने बताया कि डासना में एलएमसी की जमीन घेरकर सौदा करने का मामला है। शिकायतकर्ता से आरोपियों ने एलएमसी की जमीन का सौदा कर 80 लाख रुपये ले लिए। इस मामले में आरोपियों की अग्रिम जमानत पर जिला जज के यहां सुनवाई थी। उसी दौरान बहस हो गई।


घटना दुर्भाग्यपूर्ण, बैठककर तय की जाएगी रणनीति
बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि कचहरी और न्यायालय में जो भी घटना हुई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता साथियों से बातचीत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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सीने में दर्द के बाद जमीन पर गिरे

लाठीचार्ज की सूचना पर पहले सुरक्षा प्वाइंटों पर तैनात पुलिस कर्मी भागे लेकिन, पुलिस चौकी में आगजनी के बाद जैसे ही पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची, वकीलों में भगदड़ मच गई। इस दौरान गेट पर अचानक एक साथ वकीलों का हुजूम टूट पड़ा। कोई दोपहिया से भाग रहा था तो कोई पैदल की गेट से बाहर निकलना चाहता था। इसमें कई अधिवक्ता गिरकर घायल हो गए। कुछ बच्चे भी दोपहिया वाहन की चपेट में आने से घायल हुए। एक बुजुर्ग अधिवक्ता तेजी से जा रहे थे। इसी दौरान सीने में दर्द हुआ और वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गए। किसी तरह से भीड़ से बाहर निकालकर साथी अधिवक्ताओं ने उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
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