गाजियाबाद। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर सिंह ने निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष प्रवीण चाैधरी व एक अन्य पार्षद पर अभद्रता व जान-माल को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सुरक्षा दिए जाने की गुहार लगाई है। पुलिस कमिश्नर व डीएम को भी पत्र भेजा है। इससे निगम में राजनीति गर्मा गई है। पार्षद व कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चाैधरी ने आरोपों को नकारा है।
मामला निलंबित कर्मचारी की माैत से जुड़ा है। बीती 13 मार्च को महापाैर सुनीता दयाल के फर्जी हस्ताक्षर कर सामुदायिक भवन की बुकिंग में अतिरिक्त छूट लेने का प्रयास किया गया था। इस मामले में प्रेमपाल और रमेश चंद को निलंबित कर दिया गया था। इस घटना के बाद प्रेमपाल की हापुड़ में संदिग्ध हालत में माैत हो गई। अपर नगर आयुक्त ने इसी मामले में 18 मार्च को विरोध के दाैरान पार्षदों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्र अभी मिला नहीं है।
वहीं प्रवीण चाैधरी का कहना है कि आरोप गलत हैं। पार्षद राजीव शर्मा के साथ वह सिर्फ शोक जताने गए थे। वहां अधिकारियों से कर्मचारी के परिवार की मदद के लिए कहा गया। अभद्रता या धमकी देने की कोई बात ही नहीं हुई। किसी अधिकारी से कोई विवाद भी नहीं हुआ। प्रवीण के अनुसार वहां कई अधिकारी-कर्मचारी माैजूद थे। इस बारे में उनसे भी जानकारी की जा सकती है।