इंदिरापुरम। अभयखंड चौकी के सामने बृहस्पतिवार शाम पौने छह बजे 10वीं की छात्रा पिता की डांट से नाराज होकर आत्महत्या करने के लिए चौथी मंजिल पर चढ़ गई और कूदने की धमकी देने लगी। लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक उसे समझाने का प्रयास किया। एसीपी स्वतंत्र सिंह, पुलिस, अग्निशमन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसीपी ने छात्रा का भाई बनकर बात उसकी सुनी और उसे सकुशल नीचे उतारा।
दिल्ली के एक स्कूल की छात्रा की मां का पिछले महीने देहांत हो गया था। घर में पिता और अन्य सदस्य हैं। बृहस्पतिवार काे छात्रा घर में थी। तभी पिता ने उसे पढ़ाई के लिए डांट लगा दी। इससे क्षुब्ध होकर वह बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर चढ़ गई और पानी की टंकी की बाउंड्री वाॅल पर जाकर खड़ी हो गई। छात्रा जोर-जोर से आत्महत्या के लिए चिल्लाने लगी। लोगों ने उसे देखकर शोर मचाया और बचाने के लिए दौड़ पड़े। इस बीच उसने किसी को भी पास आने पर कूदने की धमकी दी। बिल्डिंग के सामने अभयखंड चौकी की पुलिस ने उसे देखा और बचाने के लिए दौड़े। छात्रा ने कई बार कूदने का प्रयास किया लेकिन लोगों ने रोक लिया। एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह ने छात्रा से बात की लेकिन वह बात करने को तैयार नहीं थी। उन्होंने रक्षाबंधन पर छात्रा को उसका बड़ा भाई बताते हुए राखी बांधने को कहा। साथ ही हर समस्याओं सुलझाने की बात कही। नीचे उतरने के बाद वह बेहोश हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करीब दो घंटे तक चला ड्रामा
शाम करीब पौने छह बजे छात्रा को छत पर आत्महत्या का प्रयास करते देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने लगे। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम भी छात्रा को बचाने में जुटी थी। एसीपी ने छात्रा को कई बार खुद को उसका भाई बताकर विश्वास में लिया। फिर जब उन्होंने बड़ा भाई बनकर राखी बांधने के लिए बुलाया तो वह मान गई।
कोट
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि छात्रा को सकुशल नीचे उतार लिया है। वह घरेलू बात से परेशान थी। उसकी मां का 18 तारीख को देहांत हो गया था। छात्रा का भाई बनकर उसे समझाया था। बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया।