गाजियाबाद। साढ़े छह वर्ष पहले स्कूल जाते समय किशोरी को बहला-फुसलाकर अजमेर ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट तीन के विशेष न्यायाधीश तेंद्रपाल की अदालत ने अभियुक्त जमील को दोषी करार दिया है। अदालत में 13 फरवरी को सजा के प्रश्न पर बहस होगी।
विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया खोड़ा थाने में एक व्यक्ति ने 16 अगस्त 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि उनका परिवार खोड़ा क्षेत्र में किराये के मकान में रहता था। वहीं पास में अधेड़ जमील भी किराये पर रहता था, इससे दोनों परिवारों की पहले से ही जान पहचान थी। किशोरी जमील को चाचा कहती थी। घटना वाले दिन किशोरी सुबह 6:30 बजे स्कूल में पढ़ने जा रही थी। रास्ते में जमील ने उसे लड्डू खाने को दिया, इसके बाद वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसे पता चला कि जमील ने उसे अजमेर के एक होटल में रखा है। पुलिस ने जमील को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से किशोरी को छुड़ाया था। 30 अक्तूबर 2017 को पुलिस ने आरोप पत्र पेश कर दिया था। सुनवाई के दौरान 14 गवाह पेश किए गए।