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रामपाल हत्याकांड में सजा का एलान: मनोज को उम्रकैद... तो आरोपी प्रभात है फरार; घटना से हिल गया था पूरा परिवार

Wed, 22 Jan 2025 06:19 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर

सार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में रामपाल हत्याकांड में सजा का एलान हो चुका है। अभियुक्त मनोज को आजीवन कारावास की सजा हुई है तो वहीं सजा से पहले एक आरोपी प्रभात फरार है। वारदात चोला के गांव बीघेपुर में दो जनवरी 2012 को हुई थी।
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रामपाल हत्याकांड में दोषी को आजीवन कारावास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोतवाली देहात की तत्कालीन रिपोर्टिंग चौकी चोला के गांव बीघेपुर में दो जनवरी 2012 को गांव निवासी रामपाल की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस प्रकरण में एडीजे द्वितीय सुरेश कुमार शर्मा के न्यायालय ने गांव निवासी अभियुक्त मनोज व प्रभात को दोषी सिद्ध किया। लेकिन, इसके बाद ही अभियुक्त प्रभात फरार हो गया। जिसके चलते बुधवार को सिर्फ अभियुक्त मनोज को ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जबकि, प्रभात की गिरफ्तारी के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं। 

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वादी मुकदमा जबर सिंह ने दो जनवदी  2012 को कोतवाली देहात में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता रामपाल सिंह दोपहर करीब एक बजे खेत पर ही मौजूद थे। वादी भी वहां से कुछ दूरी पर ही दूसरे खेत पर था। तभी पीड़ित ने फायर की आवाज सुनी। जब वह मौके पर पहुंचा तो उनके पिता रामपाल सिंह लहुलुहान अवस्था में खेत में अचेत पड़े हुए थे। उनके माथे और हाथ से काफी खून बह रहा था। 

जबकि, दो आरोपी हाथ में हथियार लहराते हुए दूसरे खेत की ओर से भाग रहे थे। अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उनके पिता को मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 

इस दौरान गांव निवासी आरोपी मनोज, प्रभात व मांगेराम का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने जांच पूरी कर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी। बीते दिनों मामले के विचारण के दौरान ही अभियुक्त मांगेराम की मौत हो गई थी। जबकि, गत मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर न्यायालय ने अभियुक्त मनोज और प्रभात को दोषी करार दिया था। 
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लेकिन, अभियुक्त प्रभात उससे पूर्व ही फरार हो गया था। न्यायलय ने बुधवार को सजा सुनाने की तारीख नियत की थी। लेकिन, प्रभात बुधवार को अदालत में प्रस्तुत नहीं हुआ। जबकि, मनोज को कोर्ट में पेश किया गया। इसी के चलते न्यायालय ने अभियुक्त मनोज को ही अभी आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। जबकि, प्रभात की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
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