- सिर्फ दो रास्ते के आने-जाने के दौरान इंटरनल गलियों में लग जाता है जाम - पैदल राहगीरों को इमरजेंसी काम के लिए आने-जाने में होती है दिक्कत माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। खोड़ा में कोरोना संक्रमण मरीजों के वापस आने से मिली राहत के बीच लोगों ने प्रशासन से आवाजाही के लिए विकल्पों में राहत देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमरजेंसी काम के लिए लोगों को सिर्फ दो मार्गों से आने-जाने में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी का कहना है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका परिषद और पुलिस प्रशासन ने खोड़ा में आने-जाने वाले सिर्फ दो रास्तों को छोड़कर सभी को सील कर दिया है। दोनों विकल्पों पर शाम के समय में भारी चेकिंग भी होती है। लिहाजा इस चेकिंंग से बचने के लिए लोगों को अंदर गलियों का उपयोग करना पड़ता है। जबकि उनमें भी भारी भीड़ होने से परेशानी बढ़ जाती है। वहीं, गज्जी भाटी द्वार और इतवार बाजार पुस्ते पर शाम के समय पुलिस की सख्ती बढ़ जाती है। इस बीच लोग इमरजेंसी कार्य के लिए भी बाहर नहीं आ पाते हैं। वहीं, लोगों के लम्बे रास्ते होकर गुजरना पड़ता है। इसमें उनका समय खराब होता है। स्थानीय निवासी अमन का कहना है कि पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमण के मरीज ठीक होकर खोड़ा में वापस आ रहे हैं। जिससे लोगों को राहत मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की चिंता कम हो रही है। अब विकल्पों को खोलकर राहत देनी चाहिए। ---------------------------------- सुमित कुमार