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लॉकडाउन में ऑनलाइन संपत्तियां बेचने की तैयारी

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जीडीए कार्यालय फाइल फोटो - फोटो : AMAR UJALA
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सबहेड- जीडीए की विभिन्न योजनाओं में है पांच हजार से ज्यादा आवासीय व व्यवसायिक संपत्तियां - जीडीए का संपत्ति अनुभाग बना रहा योजना, जल्द करेगा शुरू - लॉकडाउन के चलते ऑफलाइन नीलामी प्रक्रिया पर जीडीए लगाएगा ब्रेक माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन में जीडीए की संपत्तियों की खरीद बिक्री का ग्राफ धड़ाम हो गया है। लॉकडाउन के चौथे चरण में जीडीए ने संपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया शुरू करने की कार्य योजना बनानी शुरू कर दी है। लॉकडाउन के कारण अब जीडीए फिर से ऑनलाइन संपत्तियों को बेचने की तैयारी कर रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्राधिकरण संपत्ति अनुभाग ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। ऑनलाइन संपत्तियों को बेचने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी। लॉकडाउन हटने के बावजूद प्राधिकरण की ओर से ऑफलाइन नीलामी की प्रक्रिया को स्थगित रखा जा सकता है। ऑफलाइन नीलामी की प्रक्रिया में बोली के लिए आने वाले लोगों को देखते हुए स्थिति सामान्य होने तक संपत्तियों को बेचने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। बता दें कि सभी आठ जोन में जीडीए की 2000 वर्ग मीटर से छोटी व उससे बड़ी आवासीय और व्यावसायिक करीब पांच हजार संपत्तियां हैं। वर्तमान में मधुबन बापूधाम में बन रहे डिस्ट्रिक्ट सेंटर की दुकानों के भूखंड, इंदिरापुरम के विस्तार में ग्रुप हाउसिंग भूखंड सहित कई हॉट संपत्तियां हैं। इसके अलावा मुख्य रूप से जीडीए की मधुबन बापूधाम योजना, गोविंदपुरम, नंदग्राम, इंदिरापुरम योजना, इंद्रप्रस्थ योजना, तुलसी निकेतन, कौशांबी योजना, कोयल एंक्लेव योजना, वैशाली योजना, कर्पूरीपुरम योजना, स्वर्णजयंतीपुरम योजना, प्रताप विहार योजना सहित अन्य योजनाएं में तमाम आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां हैं। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि लव डाउन के चलते जीडीए की संपत्तियों की बिक्री पूरी तरह से रुकी हुई है। लॉकडाउन और कोरोना वायरस के चलते संपत्तियों की बिक्री के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को शामिल किया जा सकता है। ---------- आवासीय के साथ तमाम व्यावसायिक भूखंड हैं शामिल जीडीए की विभिन्न योजनाओं में वर्तमान में व्यावसायिक भूखंड, कंवीनियेंट शॉपिंग भूखंड, सामुदायिक केंद्र, कियोस्क, अस्पताल, नर्सिंग होम, आर्ट गैलरी, आवासीय भूखंड, दुकान, ग्रुप हाउसिंग, पेट्रोल पंप, हॉल सहित आदि संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, नीलामी में आवासीय भूखंडों के साथ मिनी एमआईजी, मिनी एचआईजी, दो कमरों के भूखंड शामिल हैं। -------
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