साहिबाबाद। साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में निर्माणाधीन आवासीय बिल्डिंग पर प्लंबर का काम कर रहे भोपुरा निवासी शिवम (23) की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। हादसा 11 हजार केवी की लाइन से हुआ जो निर्माणाधीन बिल्डिंग के ठीक सामने से गुजर रही है।
एमएमजी अस्पताल में युवक को मृत घोषित किया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। वहीं देर रात बिल्डर की तरफ से मुआवजा दिए जाने पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। हादसा 10 दिसंबर की सुबह करीब 10ः30 बजे का है।
एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि राजेंद्र नगर में बिल्डर अरविंद चौहान की आवासीय बहुमंजिला बिल्डिंग निर्माणाधीन है। मोनू नाम के ठेकेदार निर्माण कार्य करा रहे हैं।
शिवम प्लंबर का काम करता था। बुधवार सुबह करीब 10ः30 बजे वह बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर काम कर रहा था। इस दौरान वह 11 हजार केवी की लाइन के चपेट में आ गया।
हंगामा मचते ही परिवार वाले भी पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत युवक को एमएमजी अस्पताल भेजा। यहां मृत होने की पुष्टि पर परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। काफी देर समझाने के बाद भी जब परिवार वाले नहीं माने तब पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव उन्हें सौंप दिया गया। शिवम के चाचा अजय ने बताया कि परिवार मूलरूप से जौनपुर के परशुरामपुर का रहने वाला है। यहां पिछले कई वर्षों से वह रह रहे हैं। शिवम के पिता विजय बहादुर कपड़ा फैक्टरी में सिलाई का काम करते हैं। युवक के दो छोटे भाई भी हैं जो पढ़ाई कर रहे हैं। एसीपी श्वेता यादव ने बताया कि हादसे के बाद बिल्डर की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात पर आपसी समझौता हुआ है। परिवार वालों ने कोई भी शिकायत नहीं दी और न ही प्राथमिकी दर्ज कराई है।
बिजली सुरक्षा विभाग करेगा जांच
हाईटेंशन बिजली लाइन के पास आवासीय भवन बनाने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से कई मानक तय होते हैं। सबसे अहम है कि निर्माण कार्य करीब पांच-सात फिट दूरी से किया जाना चाहिए। बुधवार सुबह हुए हादसे में यह बात सामने आई है कि भवन के सामने से ही 11 हजार केवी की लाइन जा रही है। मामले में ऊर्जा निगम के जोन तीन के प्रभारी मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि हादसे की जांच विद्युत सुरक्षा विभाग की टीम से कराई जाएगी। मानकों की अनदेखी या किसी भी तरह की लापरवाही मिलती है तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।