साहिबाबाद। वसुंधरा के दो लाख से अधिक लोगों के लिए अच्छी खबर है। आवास विकास परिषद ने वसुंधरा सेकटर-7 के अपने संशोधित लेआउट में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स शामिल कर लिया है। करीब आठ एकड़ में बनने वाले बहुमंजिला स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए निर्माता एजेंसियों से आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल ने बताया कि रिस्पांस फोर प्रपोजल ( आरएफपी) निर्माण खंड 2 सिविल विभाग की टीम ने काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में खेल प्रेमियों को किक्रेट, बैडमिंटन, टेनिस कोर्ट और स्वीमिंग पूल इत्यादी खेलों की सभी सुविधाएं मिलेंगी। यहां स्वीमिंग पूल भी बनाया जाएगा। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बहुमंजिला स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के डिजाइन संबंधित डीपीआर के कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा। सोमवार को वसुंधरा विकास समिति पदाधिकारियों के साथ अधीक्षण अभियंताा की बैठक हुई। इसमें अधिकारियों ने समिति सदस्यों को स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाए जाने की पूरी जानकारी दी। इस दौरान रिटायर्ड मेजर जनरल आदित्य जंग बहादुर जैनी, डीके शर्मा, डॉ. बीके शर्मा, संतोष कुमार शर्मा, संतोष पंत आदि शामिल रहे।
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए वसुंधरा विकास समिति ने लड़ी लंबी लड़ाई
आवास विकास परिषद ने जब वसुंधरा योजना बसाई थी तो लोगों को यहां अस्पताल और खेल के मैदान व कम्यूनिटी सेंटर बनाए जाने के लिए सब्जबाग दिखाए थे। समय बीतने के बाद भी जब परिषद ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो वसुंधरा विकास समिति ने इस पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। एक दशक पूर्व दिवंगत यूबी गर्ग की अध्यक्षता में समिति ने अपनी बात न केवल लखनऊ तक बल्कि कोर्ट तक भी पहुंचाई थी। वसुंधरा विकास समिति के मीडिया प्रभारी एससी शर्मा ने बताया कि वसुंधरा के मास्टर प्लान 1995 में आवास विकास ने आवंटियों को कई वादे किए थे, लेकिन यह वादे तय समय पर पूरे नहीं हो पाए। इसके बाद लगातार विकास समिति ने दस साल तक यह लड़ाई लड़ी। कोर्ट में भी समिति ने लड़ाई की और आवास विकास के अधिकारियाें पर दबाव डाला गया। परिणामस्वरूप वसुंधरा के लोगों को यह सुविधा मिल सकेगी।