गाजियाबाद। विजयनगर के गांव मिर्जापुर के इंतजार उर्फ इंतु (49) ने पांच लाख की सुपारी देकर पत्नी फिरदौस (43) की हत्या कराने के बाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। लाश को नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के पास सूखे नाले में फेंकवा दिया। 33 महीने तक वह न केवल अपने इस गुनाह के राज को सीने में दफन किए रहा, बल्कि पुलिस, बच्चों और रिश्तेदारों के सामने पत्नी की तलाश करने का नाटक भी बखूबी करता रहा।
किसी को उस पर शक नहीं हुआ, लेकिन, लंबा वक्त बीत जाने की बेफिक्री में 24 जुलाई को साजिश की कहानी उसकी जुबां पर आ गई। इसी से उसका खेल बिगड़ गया। इत्तफाक से बेटी फिजा ने सब सुन लिया और पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने इंतु को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो साजिश रचने से लेकर हत्या और लाश ठिकाने लगाने तक का खुलासा होने में देर नहीं लगी।
डीसीपी नगर राजेश कुमार ने बताया कि फिरदौस और इंतु में अनबन रहती थी। फिरदौस ने उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया था। इसमें इंतु और भतीजे शादाब को भी नामजद कराया था। इस पर इंतु खुन्नस में आ गया और शादाब के साथ मिलकर फिरदौस की हत्या की साजिश रच ली। इंतु ने प्लाॅट बेचकर सोनू, परवेज, नौशाद, अरशद उर्फ जेपी और सलीम को पांच लाख की सुपारी दी।
चारों ने दो नंवबर 2021 को हत्या की। पुलिस ने पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को पहले इंतु को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद शादाब और परवेज को पकड़ लिया गया। नौशाद एक अन्य मामले में पहले से जेल में है। अरशद और सलीम की तलाश की जा रही है। पांचों सुपारी किलर इंतु के गांव मिर्जापुर के ही निवासी हैं। शादाब ने हत्या का ठेका सोनू को दिया था। पांचों ने एक-एक लाख बांट लिए थे।
दूसरा निकाह कर चुका इंतु।। पुलिस पूछताछ में इंतु ने बताया कि बागपत के पावला खेड़ी निवासी फिरदौस से उसका निकाह 24 साल पहले हुए था। उनके तीन बेटी और दो बेटे हैं। शादी के बाद से उनके बीच झगड़ा रहने लगा। फिरदौस में कोर्ट में जो केस डाला, उसकी पैरवी में एक प्लाॅट बिक गया था। इसी पर सोचा कि एक और प्लाॅट बेचकर उसकी हत्या करा दी जाए। इससे केस भी खत्म हो जाएगा। उसने बताया कि उसने कुछ दिन पहले ही दूसरा निकाह किया है।
रास्ते से किया था फिरदौस का अपहरण
इंतु ने पुलिस को बताया कि साजिश के तहत पांचों सुपारी किलर ने फिरदौस का पहले अपहरण किया। इसके बाद हत्या करके लाश ठिकाने लगी। परवेज ने बताया कि वे लोग वैगन आर कार में थे। फिरदौत बेटियों को स्कूल छोड़कर पैदल घर वापस जा रही थी। रास्ते से उसका अपहरण कर लिया। गाड़ी की सीट बेल्ट से गला घोंटकर हत्या की। नोएडा के रबुपुरा थाना पुलिस को 14 नवंबर 2021 को शव मिला था। पहचान न होने के कारण पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकी लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया था। इंतु ने बताया कि उसने गुमशुदगी इसलिए दर्ज कराई ताकि कोई उस पर शक न करे। वह लोगों से कहता था कि झगड़े के कारण फिरदौस किसी और के साथ चली गई है।
अम्मी की हत्या अब्बू ने कराई है....
फिजा 24 जुलाई को विजयनगर थाने पहुंचीं। वह बहुत डरी हुई थीं। उन्होंने इंस्पेक्टर से कहा, मेरी अम्मी फिरदौस की हत्या अब्बू ने कराई है। आप उन्हें पकड़ लीजिए। इंस्पेक्टर ने गुमशुदगी की फाइल निकलवाई। पूरा मामला समझा और फिर फिजा से पूछा कि उनके पास क्या सुबूत है। उन्होंने बताया कि अब्बू चचेरे भाई शादाब से कह रहे थे कि सब ठीक से हो गया, अब डरने की बात नहीं रही। उसने खुद अपने कानों से सुना है। शादाब ने कहा कि पांच लाख रुपये तो खर्च हुए लेकिन पांचों लोगों ( सुपारी किलर ) ने काम ठीक किया। हत्या करके फिरदौस की लाश बड़ी सफाई से ठिकाने लगाई। किसी को पता नहीं चला और पुलिस भी मामला गुमशुदगी का समझकर फाइल बंद कर चुकी है।