मोदीनगर। सीकरी रेलवे फाटक पर बृहस्पतिवार की शाम करीब सात बजे बाइक से जा रहे कलछीना निवासी पशु डेयरी के संचालक रामकुमार जाटव उर्फ बब्लू (50) और उनके बेटे सौरभ (24) पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी गईं। दोनों को घेरकर किए गए हमले में रामकुमार की मौत हो गई जबकि हाथ में गोली लगने से सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए।
वारदात की वजह रामकुमार का एक साल पहले सीकरी खुर्द गांव के वीर सिंह गुर्जर और उनके बेटों के साथ झगड़ा होने की रंजिश बताई है। पुलिस हमलावरों की तलाश में लगी है। उनके घरों पर ताले लटके मिले हैं। दोनों पक्ष अलग-अलग जाति के होने की वजह से घटना के बाद से इलाके में तनाव है।
रामकुमार के भाई जगपाल ने बताया कि सीकरी क्रासिंग पर पांच हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे। भाई और भतीजा एक ही बाइक से जा रहे थे। रेलवे क्रासिंग पर बाइक की गति धीमी हो गई थी। यह देखते ही हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। उनके कुछ भी समझ पाने से पहले ही उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी गईं। भाई को दो गोलियां लगीं। वह नीचे गिर गए। इसके बाद उन्हें एक और गोली मारी गई।
भतीजे पर भी कई गोलियां चलाई गईं। एक हाथ में लगी। अन्य का निशाना चूक गया। भतीजे ने पहले अपने पिता को बचाने का प्रयास किया, लेकिन जब गोलियां बंद नहीं हुईं तो वह जान बचाने के लिए भाग निकला। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग आ गए। उन्हें देखकर हमलावर भाग गए। इससे भतीजे की जान बच गई। लोगों ने ही उसे सीएचसी पर पहुंचाया। हालत गंभीर देख गाजियाबाद के निजी अस्पताल भेजा गया। रामकुमार को मोदीनगर के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने उन्हें मृत बताया।
डेयरी पर हुआ था झगड़ा
रामकुमार और जगपाल की पशु डेयरी कृष्णा काॅलोनी में है। जगपाल ने बताया कि एक साल पहले वीर सिंह गुर्जर का बेटा डेयरी के पास ही पेशाब कर रहा था। इस पर उसे टोक दिया गया था। इसी पर उसने और उसके साथ के लोगों ने मारपीट कर दी थी। पुलिस ने उनका ही साथ दिया। उनकी तहरीर पर हमारे खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इस पर वे लोग कोर्ट पहुंचे। कोर्ट के आदेश पर वीर सिंह पक्ष के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके बाद से ही वे लोग रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश में हमला किया है।
पुलिस के खिलाफ फूटा गुस्सा
रामकुमार की हत्या की सूचना पर उनके परिवार और कलछीना गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए। पुलिस अफसरों को देखते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि वीर सिंह गुर्जर पक्ष की ओर से हत्या की धमकी दी जा रही थी। चार महीने पहले ही थाना पुलिस और अफसरों को इसकी सूचना दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी का नतीजा है कि वीर सिंह पक्ष के लोगों ने रामकुमार की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की जाए।