गाजियाबाद। डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ युवाओं की पसंद भी तेजी से बदल रही है। अब पारंपरिक तकनीकी कोर्सों की जगह साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसे आधुनिक डिप्लोमा कोर्स छात्रों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेशभर के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इन ट्रेड के लिए रिकॉर्ड आवेदन पहुंचे हैं।
गाजियाबाद के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में साइबर सिक्योरिटी और आईओटी की 75-75 सीटों के लिए एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। कॉलेज प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी छात्रों का सबसे ज्यादा रुझान इन्हीं कोर्सों की ओर देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार उद्योगों में ऑटोमेशन, स्मार्ट डिवाइस और डिजिटल सुरक्षा की बढ़ती जरूरत ने इन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं काफी बढ़ा दी हैं। यही कारण है कि विद्यार्थी अब ऐसे तकनीकी कोर्स चुन रहे हैं, जिनमें भविष्य और रोजगार दोनों सुरक्षित नजर आ रहे हैं।
सीटों से कई गुना अधिक आवेदन
राजकीय पॉलिटेक्निक लोनी की प्राचार्य डॉ. जानबेग ने बताया कि कई पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीटों की तुलना में कई गुना ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं। छात्रों और अभिभावकों में तकनीकी शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है और अब वे ऐसे कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो सीधे रोजगार से जुड़े हों। उन्होंने बताया कि साइबर सिक्योरिटी और आईओटी के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग डिप्लोमा कोर्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले वर्ष वेब डिजाइनिंग के एक छात्र का 11 लाख रुपये के पैकेज पर चयन हुआ था, जिसके बाद इस ट्रेड में भी छात्रों की रुचि बढ़ी है।
रोजगार और स्टार्टअप के बढ़ रहे अवसर
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों सेक्टर में नौकरियों की अच्छी संभावनाएं हैं। वहीं आईओटी और वेब डिजाइनिंग में स्टार्टअप और इनोवेशन के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। छात्र अब केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि खुद का स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में भी सोच रहे हैं।
तकनीक के साथ बदल रही छात्रों की सोच
आईओटी कोर्स के सेकंड सेमेस्टर के छात्र कपिल कुमार ने बताया कि आने वाला समय पूरी तरह स्मार्ट टेक्नोलॉजी का होगा। घरों से लेकर उद्योगों तक हर व्यवस्था इंटरनेट आधारित सिस्टम से जुड़ रही है, इसलिए उन्होंने आईओटी कोर्स चुना। वहीं, साइबर सिक्योरिटी के छात्र राजीव का कहना है कि पहले लोग केवल कंप्यूटर इंजीनियरिंग को महत्व देते थे, लेकिन अब डेटा और नेटवर्क सुरक्षा की जरूरत बढ़ने के कारण साइबर सिक्योरिटी का महत्व तेजी से बढ़ा है। ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराध बढ़ने से इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।