गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर नोएडा सेक्टर-62 के पास एनएचएआई और यातायात पुलिस ने बसों के लिए डेडिकेटेड लेन बना दी है। मुख्य हाईवे से बसों को अलग लेन में शिफ्ट करने से वर्षों पुरानी समस्या खत्म हो जाएगी। इससे दिल्ली-नोएडा की ओर जाने वाले हजारों वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा एनएचएआई ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर विशेष रंबल स्ट्रिप्स लगाई हैं।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान के तहत एनएचएआई और पुलिस की संयुक्त टीमों ने हाईवे के ब्लैक स्पॉट का अध्ययन किया। इसके बाद अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद कर दिया है। वहीं, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी साइन बोर्ड लगाए गए हैं और सड़कों के गड्ढे भी भरवाए गए हैं। यातायात पुलिस के लिए 20 हाईटेक बूथ दिए गए हैं। अब दूसरे चरण में नोएडा-दिल्ली से आने वाले मार्ग पर भी इंजीनियरिंग की जाएगी।
एडीसीपी यातायात वरुण कुमार सिंह ने बताया कि सड़कों पर ट्रैफिक को अनुशासित रखने वाले पुलिसकर्मियों के लिए एनएचएआई ने 20 अत्याधुनिक स्मार्ट ट्रैफिक बूथ पुलिस को सौंपे हैं। इन बूथों में निर्बाध बिजली, पंखे, ठंडे पेयजल और बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर है। इन्हें शहर के सबसे ज्यादा दबाव वाले चौराहों और एनएच कनेक्टिंग प्वाइंट्स पर लगाया गया है, ताकि जवान बिना शारीरिक थकान के लंबे समय तक हाईवे और कनेक्टिंग मार्गों की निगरानी कर सकें। इसके अलावा इंटरसेप्टर वाहनों और 870 सीसीटीवी कैमरों से लैस आईटीएमएस द्वारा ओवर-स्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इससे रोजाना 4,000 से अधिक ई-चालान कट रहे हैं। जाम की स्थिति से निपटने के लिए 8 प्रमुख रूटों पर मार्शल मोबाइल तैनात किए गए हैं।