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Ghaziabad News: 30 मिनट का सफर तीन घंटे में हुआ तय...जाम से जूझा शहर

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लाल कुआं चौराहे पर लगा जाम। संवाद
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गाजियाबाद। रक्षाबंधन पर शनिवार को लोगाें ने हर तरफ भीषण जाम झेला। मिनटों का सफर घंटों में तय हुआ। सबसे बुरे हालात ईस्टर्न पेरिफेरल और डीएमई स्थित टोल टैक्स पर देखने को मिला। यहां से निकलने में लोगों को एक घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा। लालकुआं के पास दोनों ओर पूरे दिन करीब पांच किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। दिल्ली-मेरठ रोड पर भी दुहाई से लेकर मोदीनगर तक जाम में लोग घंटों परेशान रहे।
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भाइयों को रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त में बांधने के लिए सुबह घरों से निकलीं बहनें रास्ते में वाहनों के लिए भटकती रहीं। 30 मिनट का सफर तीन घंटे में तय हुआ। शाम को भी सड़कों पर लंबा जाम लगा रहा। सार्वजनिक सेवाएं बसें और ट्रेनें फुल होने पर लोगों ने निजी वाहनों का सहारा लिया। रैपिडो और ओला-उबर भी समय से नहीं मिले। लोगों को तीन से चार गुना तक किराया देकर सफर करना पड़ा। लालकुआं और नए बस अड्डे से होकर गुजरने वाली बसें ठसाठस भरी रहीं। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर यात्रियों की दिन भर भीड़ लगी रही। जीटी रोड पर भी लोगों ने जाम का सामना किया। यातायात पुलिस व्यवस्था बनाने में लगी रहीं।
शनिवार को जब लोग घरों से निकले तो नौ बजे ही वाहनों की गति थम गई। जीटी रोड पर हालात यह था कि साहिबाबाद से लालकुआं और पुराने बस अड्डे तक आने में लोगों को तीन घंटे से ज्यादा का समय लगा। जब वाहनों के पहिये नहीं खिसके तो बस और ऑटों में सवार लोग तो अपने हाथों में सामान लेकर पैदल ही निकल पड़े। आगे जाकर उन्होंने दूसरा वाहन पकड़ा। इस बारे में एडीसीपी यातायात सच्चिदानंद ने बताया कि व्यवस्था को बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। दोपहर बाद हालात नियंत्रण में हो गए थे।
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टोल पर जाम, लगा एक घंटे का समय
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ईस्टर्न पेरिफेरल पर दुहाई उतार पर दोनों तरफ सुबह 10 बजे से लेकर रात 11 बजे तक भयंकर जाम था। इसके अलावा डासना में ईस्टर्न पेरीफेरल से डीएमई पर चढ़ने के लिए टोल पर वाहनों की करीब एक किलोमीटर लंबी कतारें लगी थीं। हालत यह थी पीछे से कुडंली की तरफ जाने वाले वाहनों को निकलने के लिए भी जगह नहीं मिली। पुलिस भी व्यवस्था बनाने के लिए वहां नहीं दिखी। इन टोल पर तैनात कर्मचारियों से लोगों की दिनभर कहासुनी होती रही। टोलकर्मियों ने सफाई दी कि कुछ वाहनों के फास्टटैग काम न करने की वजह से यह दिक्कत आई है।

बस, ऑटो मिले न ट्रेन में मिली जगह
लगातार दूसरे दिन ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिली। अलीगढ़ गाजियाबाद स्पेशल में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। ऐसे ही हालात मेमू व ईएमयू के थे। इसके अलावा बस अड्डे पर लोग बसों के इंतजार में खड़े रहे लेकिन पीछे से बसें ठसाठस भरी थीं, इसलिए उनको कोई राहत नहीं मिली। ऐसे ही ऑटो व ई-रिक्शा भी लोगों को ज्यादा राहत नहीं दे सके। कई लोग निजी वाहनों को हाथ देकर उनसे मदद मांगकर गंतव्य तक पहुंचे। बस अड्डे पर खड़ी कविता ने बताया कि बसों की संख्या कम है। फ्री का लाभ तभी होगा, जब सुविधा मिले। बसों में खड़े होने की जगह नहीं मिली।
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