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Ghaziabad News: 13 साल की किशोरी ने पिता संग रची थी घर में लूट की साजिश

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लोनी। उत्तरांचल सोसायटी कॉलोनी में 80 साल के बुजुर्ग रमेश चंद शर्मा की हत्या उनके घर में काम करने वाली घरेलू सहायिक की 13 साल की बेटी और उसके पति भांजे ने की थी। तीनों घर में लूट के लिए घुसे थे, लेकिन बुजुर्ग की नींद टूट गई और आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना की साजिश घरेलू सहायिका की बेटी ने पिता के संग मिलकर रखी थी। चूंकि उसने बुजुर्ग की अलमारी के लॉकर में नकदी और गहने देख लिए थे। इससे पहले भी किशोरी दो हजार रुपये चुरा चुकी थी।
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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि रमेश चंद शर्मा हत्याकांड के तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। मुठभेड़ के दौरान आनंद शर्मा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि 13 साल की बेटी ने इसकी साजिश रखी थी। किशोरी को साढ़े तीन महीने पहले घर से दो हजार रुपये चोरी करने पर बुजुर्ग ने काम से हटा दिया था। हालांकि उस दौरान किशोरी ने अलमारी के लॉकर में नकदी-जेवरात देख लिए थे। चूंकि किशोरी के पिता ने घर में रुपयों की किल्लत बताई थी तो उसने रमेश चंद शर्मा के घर में रखे हुए रुपये और जेवरात की बात बताई थी। पीछे के दरवाजे से घर में घुसकर अलमारी के लॉकर से रुपये व जेवरात चोरी किए जा सकते हैं। पिता-पुत्री ने मिलकर साजिश रची और इसमें हत्यारोपी आनंद ने अपने भांजे प्रियांशु उर्फ लोमड़ी को भी शामिल कर लिया। तीनों 29 अप्रैल को रमेश के घर पहुंचकर अलमारी को खंगालना शुरू किया। घर में हुई आहट से बुजुर्ग जाग गए तो उन्होंने शोर मचाया, लेकिन आनंद शर्मा और प्रियांशु ने उनके मुंह कोर गमछा से दबा दिया। इसके बाद भी बुजुर्ग छटपटाएं तो कमरे में पड़ी रस्सी से उनके हाथ-पैर बांध दिए। पहचान होने के डर से आरोपियों ने डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी ढाई हजार रुपये और जेवरात लेकर भाग गए।
घटना के बाद शाहजहांपुर भागने की फिराक में थे आरोपी
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि हत्या को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी किराए के मकान पर पहुंचे और आनंद ने घटना की जानकारी पत्नी को दी तो वह चौक गई। आनंद उसे और बेटी-भांजे को दिल्ली के एक रिश्तेदार के घर ले गया। वहां से सभी शाहजहांपुर स्थित गांव भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उनको पहले ही पकड़ लिया।
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