फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में  नौ प्राइवेट अस्पतालों को आपातकालीन सेवाएं देने की अनुमति मिली

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में  नौ प्राइवेट अस्पतालों को आपातकालीन सेवाएं देने की अनुमति मिली -  स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों के प्रशिक्षित डाक्टरों को नियुक्त किया है नोडल अधिकारी - कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले के 80 निजी डाक्टर किए गए हैं प्रशिक्षित माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण प्राप्त निजी अस्पतालों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए ऐसे नौ निजी अस्पतालों के नाम सूची में शामिल हैं। इन सभी अस्पतालों के प्रशिक्षण प्राप्त डाक्टरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी सीधे सीएमओ डा. एनके गुप्ता के संपर्क में रहेंगे और संक्रमित व्यक्तियों के उपचार के संबंध में रोजाना अपनी रिपोर्ट उन्हें प्रेषित करेंगे। सीएमओ ने बताया जनपद में 80 निजी चिकित्सालयों के डाक्टरों को कोविड-19 प्रोटोकॉल की जानकारी, इससे बचाव और उपचार के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि फिलहाल नौ निजी चिकित्सालयों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई है। सीएमओ डा. गुप्ता ने बताया जनपद में नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल, शास्त्री नगर स्थित दिव्य नर्सिंग होम, राजनगर एक्सटेंशन स्थित एपेक्स, डा. चोपड़ा पॉली क्लीनिक, संजय नगर स्थित यशोदा अस्पताल, मोहन नगर स्थित नरेंद्र मोहन अस्पताल, पटेल नगर स्थित भगवती उपचार केंद्र, गंगापुरम स्थित शिवालिक हॉस्पिटल और अशोक नगर स्थित ओम मेडिकल सेंटर को इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई है। सीएमओ ने बताया यशोदा अस्पताल की सीएमएस डा. संगीता गर्ग को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। दिव्य नर्सिंग होम में डा. एसवी सिंह, एपेक्स में डा. राजीव त्यागी, डा. चोपड़ा पॉली क्लीनिक में डा. मीनू चोपड़ा, यशोदा संजय नगर में डा. स्वप्निल राय, नरेंद्र मोहन अस्पताल में डा. एमएम त्रिपाठी, भगवती उपचार केंद्र में डा. रामकुमार त्यागी, शिवालिक और ओम मेडिकल सेंटर में डा. जगदेव सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन सभी डॉक्टरों का कोरोना संक्रमण के संबंध में पूरा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण में लक्षणों के अलावा उपचार के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। यह भी बताया गया है कि उपचार करते समय डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिएं। नोडल अधिकारी अपने चिकित्सालय के अन्य डाक्टरों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ------------
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें