गाजियाबाद। साइबर ठगों ने देश-विदेश में वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली एएसके ग्रुप कंपनी ऑफ इन्वेस्टमेंट के नाम जैसा फर्जी एप तैयार कर न्याय खंड-तृतीय इंदिरापुरम निवासी सुनील सिंह विष्ट से 8.30 लाख रुपये की ठगी कर ली। कॉलर ने एएसके ग्रुप का प्रतिनिधि बताकर शेयर ट्रेडिंग में रोजाना 15 से 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराया। धोखाधड़ी का पता लगने पर पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के न्याय खंड-तृतीय निवासी सुनील सिंह विष्ट को अनजान कॉलर ने मार्च माह में कॉल किया। कॉलर ने अपना नाम प्रिया शर्मा ओर एएसके ग्रुप कंपनी ऑफ इन्वेस्टमेंट का प्रतिनिधि बताया। सुनील विष्ट को शेयर ट्रेडिंग में होने वाले मुनाफे की बाबत जानकारी दी और आश्वस्त किया कि रोजाना निवेश की गई धनराशि का 15 से 20 प्रतिशत मुनाफा होगा। पीड़ित के अनुसार उन्होंने करीब 20 दिनों तक शेयर ट्रेडिंग एप पर निवेश किया। साइबर ठगों ने पीड़ित के डी-मेट खाते में मुनाफा भी प्रदर्शित किया। हालांकि जब उन्होंने निवेश की गई धनराशि और लाभ डी-मेट खाते से निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। सुनील सिंह विष्ट की तहरीर पर साइबर थाने में बीएनएस के अंतर्गत धोखाधड़ी से पैसे ट्रांसफर करने की धारा 318(2) और कंप्यूटर संसाधनों से पैसे ट्रांसफर करने की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित द्वारा मुहैया कराए गए बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है।
महिला सिपाही के खाते से 98 हजार निकाले
गाजियाबाद। डासना स्थित जिला कारागार में तैनात महिला आरक्षी के मोबाइल पर साइबर ठगों ने एपीके लिंक भेजकर उनके खाते से 97 हजार 801 रुपये ट्रांसफर कर लिए। जेल कैंपस निवासी आरक्षी अलका रानी सिंह ने बताया कि उनके पास अनजान कॉलर का कॉल आया। कॉलर ने खुद को सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर संचालित मीशो कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनके मोबाइल पर एक एपीके लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल एप इंस्टाल कराने के दौरान कॉलर ने अलका रानी से कुछ फेरबदल कराए। इसके बाद आरक्षी का मोबाइल हैंग हो गया। कुछ देर बाद अलका के मोबाइल पर बैंक खाते से 97 हजार 801 रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज आया। एसीसी अपराध अंबुज कुमार ने बताया कि पीड़िता ने मसूरी थाने में आईपीसी के अंतर्गत धोखाधड़ी की धारा 420 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत कंप्यूटर संसाधनों से धनराशि ट्रांसफर करने की धारा 66 डी में मुकदमा दर्ज कराया है।