विद्युत बिलों में छूट न देने पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना
डिबाई। विद्युत निगम के एक मामले में लोक अदालत की तीन सदस्यी पीठ ने वर्ष 2016 में विचाराधीन एक वाद में दस मई को कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने वादी के बिलों में दस प्रतिशत की छूट दिए जाने के साथ वाद व्यय में खर्च हुई धनराशी देने को कहा है।
वादनी अनीता गर्ग का वर्ष 2000 से 16 किलोवाट का कारखाने में विद्युत कनेक्शन है। वह ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है तथा क्षेत्र में 14 घंटें विद्युत आपूर्ति की गई है। इस कारण वह नियमानुसार विद्युत बिलों में दस प्रतिशत छूट की अधिकारी है। परंतु विद्युत विभाग में कई बार अनुरोध करने के उपरांत उसे बिलों में छूट का लाभ नहीं मिल सका।
बुलंदशहर स्थायी लोक अदालत के तीन सदस्यी पीठ ने दस मई को वादनी का वाद स्वीकार कर विपक्षी उप्र विद्युत निगम को आदेश दिए है कि विद्युत प्रभार में बर्ष 2018 माह अप्रैल से बिलों में दस प्रतिशत की छूट लाभ दें। तथा एक माह समय सीमा में आगामी बिलों में धनराशी समायोजित करें तथा पांच हजार की धनराशी जो वाद में खर्च हुई है। वह भी एक माह की सीमा अवधि में भुगतान करें।