पर्यावरण व सुरक्षा के उपाय के बाद ही एलिवेटेड पर दौड़ेंगे वाहन
गाजियाबाद। प्रदेश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड के उद्घाटन से पहले गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा संबंधी बंदोबस्त करने होंगे। यूपी राज्य पर्यावरण इंपेक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिआ) ने जीडीए को शर्तों के साथ एलिवेटेड रोड का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) दिया है। जीडीए को वायु और ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपाय करने होंगे। छायादार पौधे एलिवेटेड रोड के दोनों ओर लगाने होंगे।
साथ ही ध्वनि और वायु प्रदूषण पर निगरानी रखने के लिए एक पर्यावरण प्रबंधन सेल का गठन करना होगा। सेल की जिम्मेदारी पर्यावरण संबंधी गतिविधियों और प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने को होगी। इसके लिए ध्वनि और वायु प्रदूषण को मापने के लिए यंत्र लगाए जाने हैं। वहीं, एलिवेटेड रोड पर दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर करते हुए रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। एलिवेटेड रोड से हिंडन नदी मैली न हो इसके लिए भी जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
एक पेड़ काटने पर लगाने होंगे तीन पौधे
सिआ ने एनओसी की शर्तों में साफ किया है कि प्राधिकरण को एलिवेटेड के नीचे ग्रीन बेल्ट विकसित करनी होगी। एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए काटे गए हर पेड़ के एवज में तीन पौधे लगाने होंगे। वहीं, एलिवेटेड रोड पर ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी।
एंबुलेंस व निरीक्षण वाहन रहेगा तैनात
सिआ की गाइडलाइन के तहत ही प्राधिकरण ने अपनी ओर से भी सुरक्षा संबंधी जरूरी कदम उठाना शुरू कर दिया है। एलिवेटेड रोड के सभी प्रवेश व बाहर जाने के प्वाइंट पर 20 गार्ड की तैनाती की जाएगी। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर एक एंबुलेंस और निरीक्षण वाहन (इंस्पेक्शन व्हीकल) भी तैनात किया जाएगा। साथ ही एलिवेटेड रोड के पास ही प्राथमिक चिकित्सा के लिए एक केंद्र को खोले जाने की तैयारी है।
ओवरलोड वाहनाें की जांच के लिए लगाना होगा यंत्र
एलिवेटेड रोड पर ओवरलोड वाहनों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। ओवरलोडिंग का पता लगाने के लिए यंत्र लगाने होंगे। साथ ही वाहनों की गति तय गाइडलाइन के अनुसार हो, इसके लिए भी कदम उठाने को कहा गया है।