भीषण गर्मी शुरू हो गई है लेकिन इससे निपटने के लिए नगर निगम अभी तक तैयार नहीं है। शहर में करीब 800 से ज्यादा हैंडपंप खराब हैं। इन हैंडपंप को रिबोर किया जाना है। मार्च महीने में कार्यकारिणी समिति की बैठक में भी जल्द से जल्द हैंडपंप रिबोर कराने के निर्देश दिए गए लेकिन निगम अधिकारी अभी तक सिर्फ फाइल ही बना पाए हैं।
गर्मी के इस सीजन में एनजीटी के आदेश पर सबमर्सिबल-बोरवेल बंद हुए तो हैंडपंप भी लोगों का सहारा नहीं बन पाएंगे। निगम की लेटलतीफी से पानी के लिए हाहाकार मचना तय है।
आमतौर पर नगर निगम का जलकल विभाग मार्च महीने में ही खराब हैंडपंप को रिबोर और अन्य संसाधनों को दुरुस्त करा लेता है।
शासन ने भी मार्च में आदेश जारी कर निगमों को गर्मी में पानी की आपूर्ति के लिए तैयारी करने को कहा था, बावजूद इसके निगम अभी तक तैयारी नहीं कर पाया है। कैला भट्ठा, विजयनगर, प्रताप विहार, राहुल विहार, सैन विहार, शांति नगर, संजय नगर, शास्त्री नगर, पटेल नगर, नेहरू नगर समेत अधिकांश कालोनियों में 800 से ज्यादा हैंडपंप खराब है।
इनमें सिटी जोन में 160, कविनगर जोन में 120 और विजयनगर जोन में 180 हैंडपंप खराब हैं। 200 से ज्यादा हैंडपंप के सामान चोरी हो चुके हैं। कालोनियों के लोग और पार्षद निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, बावजूद इसके अभी तक हैंडपंप ठीक नहीं कराए गए।
सभी जोन में कराया सर्वे
नगरायुक्त ने सभी जोन में अवर अभियंताओं से सर्वे कराकर रिबोर योग्य हैंडपंप चिह्नित कराए हैं। यह रिपोर्ट तैयार कर नगरायुक्त के पास पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में देरी करने पर नगरायुक्त ने दो अवर अभियंताओं पर कार्रवाई कर वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं।
निरंतर चल रहा काम: नगरायुक्त
नगरायुक्त अब्दुल समद का कहना है कि हैंडपंप रिबोरिंग का काम साल भर चलता रहता है। सर्वे में जो हैंडपंप खराब पाए गए हैं उनकी फाइलें भी तैयार हो गई है। अधिकांश पर काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही सभी हैंडपंप रिबोर हो जाएंगे।