आचार संहिता से ठीक पहले गाजियाबाद में रेवड़ी की तरह बांटी गईं राशन की 80 दुकानों का लाइसेंस अब निरस्त किए जाएंगे। रिश्वत देकर दुकानें आवंटित किए जाने के आरोपों के बाद प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने इनकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
15 दिन में जांच पूरी कर इन दुकानों पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो जाएगी। गाजियाबाद के साथ-साथ अब प्रदेश भर में सपा शासनकाल के अंतिम महीनों में आवंटित हुई दुकानों की जांच की होगी। मंत्री के इन आदेशों से राशन डीलर्स और खाद्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मचा है।
खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग सोमवार को नगर निगम की ओर से शहर में एलईडी लाइट लगाने की योजना के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले सपा शासनकाल में राशन की दुकानें रेवड़ियों की तरह बांटी गई हैं।
अकेले गाजियाबाद में 80 दुकानों को लाइसेंस दिया गया। उनके पास शिकायत पहुंची थी कि दुकानों के आवंटन में रिश्वत भी ली गई है। उन्होंने बताया कि सपा शासनकाल के अंतिम महीनों में दिए गए राशन की दुकानों के लाइसेंस की आवंटन प्रक्रिया की जांच कराई जा रही है।
गड़बड़ियां मिलने पर आवंटन निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि दुकानों के आवंटन में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद ही नहीं प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह आवंटित की गईं दुकानों की जांच कराई जाएगी।
साहब! कार्ड है पर दुकानदार राशन नहीं देते
एलईडी लाइट योजना के शुभारंभ समारोह में स्थानीय महिलाएं शिकायत लेकर राज्यमंत्री अतुल गर्ग के पास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके पास राशन कार्ड तो हैं, लेकिन कई महीनों से राशन नहीं मिल रहा।
कभी दुकानें बंद मिलती है तो कभी दुकानदार राशन पर्याप्त मात्रा में न मिलने का बहाना बना देता है। अब इन कार्डों का क्या करें। अतुल गर्ग ने उन्हें जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों का सुबूत दें, बिना जांच कार्रवाई की जाएगी। राशन दुकानदार सुधर जाएं, अब गड़बड़ी चलने वाली नहीं है।