मदरसा किया बंद, लाउडस्पीकर भी उतारा
साहिबाबाद। अर्थला की नीलमणि कालोनी में मंगलवार को मदरसे के सदस्यों ने मदरसा बंद कर दिया। लाउडस्पीकर और बोर्ड को भी हटा दिया।
जिला वक्फ बोर्ड के सर्वे आयुक्त सोन कुमार ने बताया कि नीलमणि कालोनी स्थित मदरसे का निरीक्षण किया गया था। टीम ने मदरसे के सदस्यों को सोमवार तक मदरसे के रजिस्ट्रेशन से जुड़े कागज दिखाने के निर्देश दिए थे, लेकिन वे कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद मंगलवार को टीम फिर से मदरसे पर जांच के लिए पहुंची लेकिन इससे पहले ही मदरसे के सदस्यों ने मदरसे को बंद कर दिया। मदरसे पर लगे लाउडस्पीकर और बोर्ड भी उतार लिए। सोन कुमार ने बताया कि मदरसे और मस्जिद की जमीन महबूब इलाही एंड साबरी वेलफेयर सोसाइटी नामक एनजीओ के नाम पर है। उन्होंने बताया कि एनजीओ के रजिस्ट्रेशन पर मदरसा और मस्जिद का संचालन नहीं हो सकता है। एनजीओ का रजिस्ट्रेशन भी 30 अप्रैल को समाप्त हो गया। वक्फ बोर्ड अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगा। शासन से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, महबूब इलाही एंड साबरी वेलफेयर सोसाइटी के सचिव अमजतिया नूरी ने बताया कि उन्होंने मदरसा खुद ही बंद कर दिया है। जल्द ही वह वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण समिति में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करेंगे। गौरतलब है कि दिल्ली से अगवा बच्ची को पुलिस मदरसे से बरामद किया था।
मदरसे के साथ बना मकान खुला रहेगा
मदरसे के साथ बने मकान को बंद नहीं किया गया है। हालांकि इसमें बच्चों को नहीं पढ़ाया जाएगा। एनजीओ के कर्मचारी इस मकान को ऑफिस के रूप में इस्तेमाल करेंगे। एनजीओ के महासचिव जाउद्दीन सैफी ने एसएसपी को पत्र लिखकर मदरसा और मस्जिद संचालन की मांग की है। उनका कहना है कि सोसाइटी गरीब बच्चों के वेलफेयर के लिए काम करती है, जबकि कालोनी के लोग सालों से मस्जिद में नमाज अदा करते आ रहे हैं।