स्वर्णजयंतीपुरम के पास कूड़ा किया डंप, मुख्यमंत्री दरबार पहुंचा मामला
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा स्वर्णजयंतीपुरम से मधुबन-बापूधाम की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर नई कूड़ा डंपिंग साइट बनाए जाने पर हंगामा खड़ा हो गया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव और मंडलायुक्त से की गई है। मंडलायुक्त के निर्देश पर जीडीए सचिव की ओर से निरीक्षण करने पर मामला सही पाया गया। ऐसे में मामले को तूल पकड़ता देख अब जीडीए सचिव ने पत्र लिखकर नगरायुक्त से जबाव मांगा है।
महानगर में कूड़ा डंपिंग की समस्या शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। बता दें कि नगर निगम के क्षेत्र से रोजाना करीब 1150 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। लेकिन कूड़ा डंपिंग की कोई स्थायी साइट न होने से कूड़ा शहर की सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। प्रताप विहार में डंपिंग साइट पर एनजीटी की रोक के बाद नगर निगम के सामने कूड़ा डंप करने को लेकर समस्या पैदा हो गई है। ऐसे में नगर निगम ने स्वर्णजयंतीपुरम से मधुबन बापूधाम की ओर जाने वाले मार्ग के पास कूड़ा डंप करना शुरू किया।
यहां कूड़े के ढेर से गुजरने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में मधुबन-बापूधाम निवासी स्वाति सिंह ने इसकी शिकायत पहले मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव और फिर मंडलायुक्त से की। शिकायत में ई-247 स्वर्णजयंती पुरम के पास मधुबन बापूधाम जाने को इकलौता संपर्क मार्ग होने और उस पर रास्ते के मोड़ पर निगम द्वारा क्षेत्र व अन्य स्थानों का कूड़ा डालने की शिकायत की गई है। यहां कूड़े का ढेर लगने से उठने वाली दुर्गंध से वाहनों के साथ लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल है। ऐसे में उन्होंने शिकायत कर समाधान की मांग की है। उनकी शिकायत पर मंडलायुक्त ने डीएम और जीडीए सचिव को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि शिकायत पर नगरायुक्त को पत्र लिखकर संबंधित साइट पर कूड़ा नहीं डालने को कहा गया है। नगरायुक्त के जबाव के आधार पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।