सड़कों पर फैला कचरा, लोगों को बना देगा बीमार
गाजियाबाद। कूड़ा डंप करने के लिए जगह न मिल पाने की वजह से चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी शहर से कचरा नहीं उठ पाया है। नगर निगम के डलाव घरों पर कचरे का अंबार लगा रहा। हालात यह हो गई है कि कई स्थानों पर कचरा सड़क के बीच तक पहुंच गया है, लोगों को नाक बंद कर यहां से गुजरना पड़ रहा है। हालात यही रहे तो सड़कों किनारे फैला कचरा लोगों को बीमार बना सकता है।
जनता और रसूखदारों के आगे नगर निगम प्रशासन के कचरा डंप करने के सभी इंतजाम फेल हो रहे हैं। जहां भी नगर निगम कूड़ा डंप करता है, वहीं पर विरोध शुरू हो जाता है और निगम को बैकफुट पर आना पड़ता है। यही वजह है कि अब नगर निगम शहर की कालोनियों से कूड़ा लिफ्ट नहीं कर पा रहा है। आम दिनों में जहां नगर निगम डंपिंग ग्राउंड पर 1100 से 1200 मीट्रिक टन कचरा पहुंचाता था, वहीं बृहस्पतिवार को महज 200 मीट्रिक टन कचरा पिलखुवा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट पर पहुंच पाया। यानी लगभग एक हजार टन कचरा सड़कों किनारे या कॉलोनियों में पड़ा रहा।
नायफल में तलाशी दो बीघा जमीन
नगर निगम सेनेट्री लैंड फिल साइट बनाने के लिए जमीन तलाश रहा है। बृहस्पतिवार को नगर निगम ने नायफल में दो बीघा जमीन तलाशी है। इस जमीन को निगम लीज पर लेगा। निगम अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही जमीन के लिए किसान से एग्रीमेंट हो जाएगा। इसके बाद यहां सेनेट्री लैंड फिल साइट बनाई जाएगी। फिलहाल इस जमीन पर गहरे गड्ढे हैं। इनमें कचरा भरने के बाद एंजाइम छिड़काव कर ऊपर से मिट्टी ढक दी जाएगी। चंद माह बाद यह गीला कचरा खाद में तब्दील हो जाएगा।
सड़क न होने से गालंद में भी तीन महीने नहीं पहुंच पाएगा कचरा
गालंद में जीडीए ने नगर निगम को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए जमीन तो दे दी है, लेकिन इस जमीन तक निगम की गाड़ियों के पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। नगर निगम ने जीडीए से इस जमीन का संपर्क मार्ग बनाकर देने को कहा है। जीडीए वीसी ने यहां संपर्क मार्ग बनाने के लिए सिंचाई विभाग जमीन मांगी है। अगर जमीन मिली तो इसके बाद भी सड़क बनाने में कई माह लग जाएंगे।