सिद्धार्थ विहार के लोगों को नवरात्र पर गंगाजल की सौगात
- आविप बिछाने लगी पाइप लाइन, जल निगम से मांगा 12.5 क्यूसेक पानी, फिलहाल निगम पांच क्यूसेक पर तैयार
नीरज
साहिबाबाद। वसुंधरा के पास सिद्धार्थ विहार में बसे और बसने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। आवास विकास परिषद (आविप) सिद्धार्थ विहार योजना को इस नवरात्र गंगाजल का तोहफा देगा। योजना के लोग 2011 से गंगाजल का इंतजार कर रहे हैं। आविप ने गंगाजल के लिए पाइप लाइन बिछाना शुरू कर दिया है। आविप ने जल निगम से 12.5 क्यूसेक पानी मांगा, फिलहाल वह अभी पांच क्यूसेक देने का तैयार हो गया है।
आविप के अधीक्षण अभियंता केए सिंघल ने बताया कि सिद्धार्थ विहार योजना में गंगाजल की प्लानिंग पहले से थी। अब जल निगम से साढे़ बारह क्यूसेक पानी मांगा गया है। वैसे तत्काल पांच क्यूसेक पानी देने को निगम तैयार है। अधिकारी स्तर पर बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि अभी इस योजना में लोग बस ही रहे हैं। भविष्य में संभावित आबादी को देखते हुए गंगाजल की व्यवस्था 12.5 क्यूसेक से अधिक करनी होगी। उन्होंने बताया कि पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। सिद्धार्थ विहार को प्रताप विहार स्थित प्लांट से गंगाजल मिलेगा। प्लांट से पानी सेक्टर-सात स्थित यूजीआर में आएगा। यहां से पानी सेक्टर सात व नौ स्थित दो टंकी में जाएगा, जहां से पानी घरों में पहुंचेगा। एक और टंकी का निर्माण प्रस्तावित है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि 19 अक्तूबर को दशहरा है। इस तारीख तक गंगाजल सप्लाई शुरू हो जाएगी। पहले चरण में गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट, ब्रह्मपुत्र एंक्लेव और कांशीराम योजना के फ्लैट्स में गंगाजल आपूर्ति की जाएगी। सिद्धार्थ विहार में बिल्डरों द्वारा बनाई जा रही पांच ग्रुप हाउसिंग को भी गंगाजल का लाभ मिलेगा। बता दें कि टीएचए में वसुंधरा जोन को नगर निगम 28 क्यूसेक और इंदिरापुरम में जीडीए 14 क्यूसेक गंगाजल देता है। आविप गंगाजल सप्लाई करने वाला तीसरा विभाग होगा।
सबसे पहले गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट को मिलेगा गंगाजल
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि सबसे पहले गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट को गंगाजल दिया जाएगा। यहां सितंबर के अंत तक लोगों को गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है। उधर, रेजिडेंट्स ने बताया कि 2011 में यह अपार्टमेंट बनना शुरू हुआ था। 2013 की जगह 2017 में पजेशन मिलने शुरू हुए। 20 मंजिला इस अपार्टमेंट में 1292 फ्लैट्स हैं। अभी साढे़ बारह हजार लोग यहां रह रहे हैं, जिन्हें सबमर्सिबल का पानी पीना पड़ रहा है, जो दूषित है। 2011 में आविप से मिले रजिस्ट्रेशन बुक में अपार्टमेंट को 50 क्यूसेक पानी देने का वादा किया गया था। तब से लोग गंगाजल का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व में गंगाजल की मांग कर रेजिडेंट्स धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।