खोड़ा में सात घंटे चला हंगामा, जाम लगाने की कोशिश
साहिबाबाद। शराब माफिया पर कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने एसएचओ खोड़ा के खिलाफ भी नारेबाजी की। एसएसपी और डीएम की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर लोगों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने मुख्य सड़क पर बैठकर जाम लगाने की कोशिश की। सीओ धर्मेंद्र चौहान और नगरपालिका अध्यक्ष रीना भाटी ने लोगों को समझाकर शांत कराया। सुबह नौ बजे से लेकर शाम करीब चार बजे तक हंगामा होता रहा।
सुबह करीब साढे़ दस बजे डीएम रितु माहेश्वरी और एसएसपी एचएन सिंह खोड़ा पहुंचे। दोनों ने अशोक और अवनेश के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी। जैसे ही डीएम और एसएसपी अशोक के घर से निकले तो बाहर जमा भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बाद भी पुलिस ने शराब कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। लोग एसएचओ के खिलाफ नारे लगाने लगे। पब्लिक का गुस्सा देख डीएम और एसएसपी वहां से निकल गए। इसके बाद लोग मुख्य सड़क पर पहुंच गए जाम लगाने की कोशिश करने लगे। मौके पर मौजूद सीओ धर्मेंद्र चौहान ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। हंगामे की सूचना पर नगरपालिका अध्यक्ष रीना भाटी वहां पहुंचीं। उन्होंने लोगों को समझाया और मृतकों के परिवार को दस दस हजार रुपये देने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि वह मृतकों के परिवारों को मुआवजे के तौर पर 2.5 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए शासन से बात करेंगी। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
पब्लिक ने दुकान पर किया हंगामा
खोड़ा में चार लोगों की मौत की सूचना के बाद लोग अवैध शराब की दुकान पर पहुंचे। लोगों को आते देख दुकान में बैठने वाले मां-बेटे भाग गए। लोगों ने दुकान के बाहर एक पेटी में छुपाकर रखी शराब के पव्वों को फेंक दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक दुकान में ताला लगाकर एक सिपाही को खड़ा कर दिया। जब सीओ मौके पर पहुंचे तो गेट पर तैनात किया गया सिपाही गायब मिला। एसएसपी के आने की सूचना पर सीओ दुकान की जांच किए बिना ही वापस आ गए।