हाई स्पीड स्टेशन दुहाई के पास विकसित होगा आईटी हब
दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के पल्लवपुरम तक रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) योजना के तहत गाजियाबाद के दुहाई स्टेशन के पास आईटी हब बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा गाजियाबाद सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले सभी छह स्टेशनों के डेढ़ किमी के रेडियस में ट्रांजिट ऑरिएंट डेवलपमेंट (टीओडी) घोषित किया जाएगा।
हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को लेकर कवायद तेज होने लगी हैं। यह परियोजना 32,500 करोड़ की हैं। इसमें यूपी सरकार को 4500 करोड़ की भागीदारी निभानी है। दिल्ली सराय काले खां से मेरठ के बीच चलने वाली हाईस्पीड ट्रेन रूट की कुल लागत रकम 2054 तक वापसी की उम्मीद है। इसके लिए गाजियाबाद में बनने वाले साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर और मोदीनगर के स्टेशनों की डेढ़ किमी तक की जमीन पर टीओडी लगाया जाए। इससे रिहायशी जमीन को व्यवसायिक में बदला जा सकता है। इसके साथ ही दुहाई स्टेशन के आसपास के क्षेत्र को आईटी हब में विकसित किया जाएगा। आईटी हब डेवलप करने से अतिरिक्त आय होगी और हाई स्पीड रेल परियोजना में खर्च हुए पैसे की जल्द भरपाई भी संभव है।
स्टेशन के डेढ़ किमी के रेडियस में लागू होगा टीओडी
जीडीए, आरआरटीएस परियोजना परियोजना और मेरठ विकास प्राधिकरण के अफसरों के बीच फंडिंग को लेकर मंथन हुआ। इसमें हाई स्पीड ट्रेन की पर्चेजेबल एफएआर और ट्रांजिट ऑरिएंट डेवलपमेंट (टीओडी) समेत पांच बिंदुओं को लेकर चर्चा हुई। आरआरटीएस योजना के स्टेशन एक स्टेशन के प्रयोग के तौर पर 1.5 किमी तक टीओडी के तहत रेडियस क्षेत्र घोषित कर पर्चेजेबल एफएआर और कॉमर्शियल व आवासीय योजना विकसित हो सकेगी। इससे स्टांप में पैसा, नक्शा स्वीकृति और एफएआर से फंड मिल सकेगा। इस परियोजना की वर्ष-2054 तक की प्लानिंग की गई हैं। बिक्री की लैंड, स्टांप ड्यूटी, जमीन की खरीद-फरोख्त में एफएआर पर्चेजेबल होगा। इसके अलावा वाह्य व आतंरिक शुल्क कितना मिल सकेगा, इन सभी बिंदुओं पर मंथन हुआ। टीओटी प्रस्ताव को जीडीए बोर्ड बैठक में पास कराया जाएगा। जीडीए सभागर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने की। इसके अलावा इसमें मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीताराम यादव, सीटीपी जेएन रेड्डी, जीडीए के सीएटीपी इश्तेयाक अहमद, चीफ इंजीनियर एके गुप्ता, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड व स्टांप विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।
मार्च 2018 से शुरू होगा पहले चरण का काम
जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बताया कि हाई स्पीड ट्रेन के पहले चरण का काम मार्च 2018 में शुरू किया जाएगा। 2022 तक पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा। जीडीए वीसी ने बताया कि गाजियाबाद टू मेरठ रूट को लेकर पहली डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) प्रदेश सरकार से फाइनल होनी है।
मेट्रो स्टेशनों से होगी कनेक्टीविटी:
हाई स्पीड ट्रेन की कनेक्टीविटी मेट्रो ट्रेन स्टेशनों से जोड़ी जाएगी। यात्रियों को सहूलियत देने के उद्देश्य से ऐसा किया जाएगा। हाई स्पीड ट्रेन का स्टेशन मेट्रो स्टेशन के न केवल करीब होगा, बल्कि यह आपस में जुडे़ भी रहेंगे। यानी हाई स्पीड ट्रेन से उतरकर मेट्रो में सफर करने वाले वॉक-वे या अंडरपास
पहले चरण की परियोजना में यह होंगे स्टेशन
सराय काले खां, आंनद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ (दक्षिण), शताब्दी नगर, मेरठ (सेंट्रल), बेगमपुल, मेरठ (नार्थ), मोदीपुरम। इसके अलावा मेरठ में ही हापुड़ रोड पर शास्त्रीनगर पर स्टेशन बनाया जाएगा।