गाजियाबाद का लाइटिंग सिस्टम जल्द ही स्मार्ट होने जा रहा है। नगर निगम पुरानी स्ट्रीट लाइटों को हटाकर 60 हजार एलईडी लाइटों से शहर को रोशन करेगा। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है।
अब एक सप्ताह में नगर निगम टेंडर जारी कर प्राइवेट फर्मों को बुलाएगा। टू बिड सिस्टम के जरिए फर्म को सेलेक्ट कर लाइटों को बदलने का काम शुरू किया जाएगा। शहर के 10 हजार खाली पोल पर पहली बार लाइटें लगाई जाएंगी।
पीपीपी मॉडल पर प्राइवेट फर्म अपने खर्च पर इन लाइटों को बदलेगी। बिजली बिल से होने वाली बचत से एक निश्चित रकम नगर निगम इस प्राइवेट फर्म को देगा। सात साल तक वही प्राइवेट फर्म इन लाइटों का मेंटेनेंस भी करेगी।
नगर निगम फिलहाल स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल पर करीब 15 करोड़ रुपये सालाना खर्च करता है, मगर नई व्यवस्था से बिजली बिल में करीब 60 फीसदी की बचत हो जाएगी। यानी निगम को प्रतिवर्ष 9 करोड़ रुपये की बचत होगी।
बचत की इस रकम में नगर निगम और प्राइवेट फर्म की हिस्सेदारी होगी। अधिकारियों के मुताबिक जो फर्म नगर निगम को बचत में से सबसे ज्यादा रकम देगी वही फर्म कांट्रेक्ट के लिए क्वालीफाई होगी। स्ट्रीट लाइटों के साथ-साथ हाईमास्ट पोल पर भी एलईडी लाइटें ही लगाई जाएंगी। सभी लाइटें ऑटो टाइमर से ऑपरेट होंगी।
जोन वार लगाई जाने वाली लाइटों की संख्या
सिटी जोन 12681
कविनगर 14940
मोहननगर 11657
वसुंधरा 11422
विजयनगर 9358
स्ट्रीट लाइटों को बदलकर एलईडी लाइटें बदलने का कांट्रेक्ट देने के लिए प्रकाश विभाग में पहली बार ई-टेंडर प्रणाली लागू की जाएगी। फर्मों को तकनीकी और फाइनेंशियल दो तरह की बिड डालनी होगी। तकनीकी बिड में सफल फर्मों की फाइनेंशियल बिड ही स्वीकार की जाएंगी। स्मार्ट और इंटेलीजेंट स्ट्रीट लाइट सिस्टम प्रदान करने वाली फर्म का ही चयन किया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर