गाजियाबाद। शहर के चौराहों-तिराहों पर लगे 58 ट्रैफिक सिग्नल रविवार सुबह बंद हो गए। अचानक सिग्नल बंद होने से यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। चौराहों पर वाहन आड़े-तिरछे फंस गए। जिसकी वजह से शहर की सड़कों पर दिनभर लोग लंबे जाम से जूझते रहे। सिग्नल बंद होने की वजह रखरखाव करने वाली कंपनी से नगर निगम का अनुबंध खत्म होना बताया गया है। निगम की तरफ से 24 घंटे में ट्रैफिक सिग्नलों का कंट्रोल हैंडओवर करने का नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने रविवार सुबह शहर की सिग्नल व्यवस्था को ही ठप कर दिया।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैफिक सिग्नलों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था जब तक नहीं हो जाती, तब तक ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की अतिरिक्त ड्यूटियां लगवाकर शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाएगा। वहीं, ट्रैफिक सिग्नल का संचालन करने वाली कंपनी को दिए नोटिस की मियाद सोमवार को पूरी हो जाएगी। इस बीच कंपनी ने सिग्नलों का कंट्रोल सिस्टम निगम के सुपुर्द नहीं किया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बन गई। चोधरी मोड़, जीटी रोड, रमतेराम रोड, रेलवे स्टेशन, हापुड़ रोड, लाल कुआं रोड सहित शहर के सभी मुख्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को पटरी से उतरी यातायात व्यवस्था को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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यह है पूरा मामला
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि मैसर्स शिव शक्ति ड्रीम होम नाम की कंपनी को साल 2017 में छह साल के लिए बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) के आधार पर ट्रैफिक सिग्नल का जिम्मा सौंपा गया था। इसकी एवज में कंपनी को यूनिपोल लगाकर विज्ञापन का अधिकार दिया गया था, लेकिन कंपनी अनुबंध खत्म होने के बाद भी तय जगह से ज्यादा स्थान पर विज्ञापन लगाकर आमदनी कर रही थी। पिछले वर्ष अनुबंध खत्म हो गया था। कंपनी ने कोर्ट जाकर स्टे ले लिया। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन था। बीते 20 मार्च को हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। दो अप्रैल को कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की। छह अप्रैल को कंपनी को 24 घंटे में सिग्नलों का हस्तांतरण निगम को सौंपने का नोटिस दिया, रविवार सुबह कंपनी ने सिग्नल व्यवस्था ही ठप कर दी।
तीन दिन बाद खुले बाजार उमड़े लोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो की तैयारियों के लिए शुक्रवार को ही शहर के कई रास्ते बंद कर दिए गए थे। इसका असर रविवार को भी दिखाई दिया। रोड शो के अगले दिन जगह-जगह अव्यवस्थाओं के कारण लोग घंटों जाम से जूझते रहे। दो दिन बाद खुले आंबेडकर रोड के बाजारों में जबरदस्त भीड़ उमड़ने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आंबेडकर रोड स्थित तुराबनगर, किराना मंडी, मालीवाड़ा, कालका गढ़ी, बस अड्डा मार्केट सहित सभी बड़े बाजारों में जमकर भीड़ उमड़ गई। इसकी वजह से सुबह 10 बजे से ही आंबेडकर रोड पर वाहनों की रफ्तार मंद पड़नी शुरू हो गई। दोपहर 12 बजे से देर शाम तक इस मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा। ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर से चौधरी मोड के बीच भी जाम के कारण दिनभर वाहन रेंगते रहे। वहीं, पुराने बस अड्डे से लेकर आंबेडकर रोड लंबा जाम लोगों की परेशानी का सबब बना रहा। ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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पीएम के लिए रोड चमकाए
अब लग गए पोस्टर के ढेर
प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर बांस-बल्लियों से मचान बनाए गए थे। रोड शो के अगले दिन भी इन्हें हटाया नहीं गया। रास्ते में लगे मचान और बिखरा पड़ा बैरिकेडिंग का सामान यातायात व्यवस्था में बाधा बना रहा। आंबेडकर रोड पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहे। इसी मार्ग पर डिवाइडर की रंगाई-पुताई का काम रविवार को भी जारी रहा। साथ ही, सड़क के दोनों ओर बाजारों में आने वाले लोगों के वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े रहे। इस वजह से जाम की समस्या ज्यादा बढ़ गई।