पोस्टमार्टम में हुई देरी तो देना होगा जवाब
- एडीएम के निरीक्षण में परिजनों ने की थी पोस्टमार्टम देर से होने की शिकायत
- एडीएम ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट, डीएम ने सीएमओ को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस पर पोस्टमार्टम में देरी होने पर अब चिकित्सकों को स्पष्टीकरण देना होगा। गत सप्ताह सोमवार को एडीएम के निरीक्षण में पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने शिकायत की थी। एडीएम प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट डीएम को साैंपी है। डीएम ने सीएमओ को निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकारी चिकित्सालयों में स्टाफ द्वारा लापरवाही बरतने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। डीएम द्वारा जिला अस्पताल के लिए प्रति सप्ताह निरीक्षण के लिए एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया था। आदेशों के तहत गत सोमवार को जिला अस्पताल में एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान शव का पोस्टमार्टम कराने आये परिजनों ने चिकित्सकों के न होने की शिकायत की थी। एडीएम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम डॉ. रोशन जैकब को सौंप दी थी। डीएम ने सीएमओ को आदेश जारी कर पोस्टमार्टम में देरी होने पर चिकित्सकों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं।
बायोमेडिकल का करो निस्तारण, नहीं तो होगी जेल
- सीएमओ कार्यालय पर एक दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सकों को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण न करने पर अस्पताल संचालकों को जुर्माने के साथ-साथ जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। शनिवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में निजी चिकित्सकों की एक दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं।
निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद भी निजी अस्पताल के संचालक आदेशों की अवहेलना कर रहे थे। सीएमओ कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में चिकित्सकों को संबोधित कर प्रदूषण विभाग के एई आशुतोष चौहान ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण न करने पर पांच साल की जेल के साथ-साथ एक लाख रुपये या पांच हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना वसूला जाएगा। बैठक में नर्सिंगहोम संचालक और जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। ब्यूरो