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‘501’ रुपये के शगुन से नए युग की शुरुआत

Mon, 13 Jun 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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महापंचायत में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमरउजाला
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न कोई दिखावा, न दहेज की मांग। साधारण रूप से 501 रुपये का शगुन देकर गाजियाबाद के गुर्जर समाज ने चिरोड़ी इंटर कॉलेज की महापंचायत में एक नए युग की शुरुआत की। प्रथा तोड़ने की सर्वसम्मति मिलते ही घिटौरा गांव के करतार सिंह बैसला और रिस्तल गांव के विजय सिंह कसाना ने अपने बेटे-बेटियों का रिश्ता तय कर इस पर औपचारिक मुहर भी लगा दी।
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सिर्फ दोनों गोत्र के बीच नए रिश्तों की शुरुआत ही नहीं हुई, बल्कि यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों गोत्र के लोग बेहद साधारण तरीके से शादी कर दहेज जैसी कुप्रथाओं को भी खत्म करने का काम करेंगे।
दरअसल, 1105 साल पहले लोनी की बैसला परिवार की युवती शकल कौर की शादी हरियाणा के कसाना गोत्र के परिवार में होने के बाद से यह प्रथा शुरू हुई थी। बैसला गोत्र के लोगों का कहना था कसाना उनके फुफेरे भाई हैं। ऐसे में उनके बच्चे आपस में भाई-बहन हुए।
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लोनी के 24 गांव में से 12 बैसला और 12 कसाना के हैं। ऐसे में यहां के लोग आपस में रिश्ता नहीं करते थे। इससे समस्या आती थी। ऐसे में गढ़ी सब्लू गांव के दो युवक संदीप और राहुल बैसला आगे आए और बुजुर्गों को समझाया कि यह प्रथा गलत है। इसके बाद रविवार को चिरोड़ी में गुर्जर समाज का 1105 साल पुराना इतिहास बदला गया।

विजय ने दिलाई शपथ, दहेज प्रथा भी करेंगे खत्म
करतार सिंह बैसला और विजय सिंह कसाना ने आपस में रिश्ता तय कर शपथ ली कि शादी बिना दहेज के होगी। दोनों परिवारों के साथ सभी 24 गांव के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज दहेज प्रथा को खत्म करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

साथ ही शादी में डीजे बजाना, महंगे सामान और लाखों रुपये की ज्वैलरी के लेन-देन पर भी रोक लगाएगा। पंचायत के दौरान बाबू प्रधान, चंद्रपाल, बलेश्वर, विनोद, बलवीर, मेहरपाल, धीरज, कप्तान सिंह, सोहित, नरेंद्र, काशी, राजवीर, मूल चंद, सत्तू पहलवान, रणवीर, चाहतराम, वेद पाल, बिट्टू, शीशपाल, शेर सिंह और हरीश कुमार मौजूद रहे।
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