गाजियाबाद। मधुमेह रोगियों में मोतियाबिंद होने का खतरा दो गुना बढ़ रहा है। एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मोतियाबिंद के ऑपरेशन हो रहे हैं। इनमें 50 फीसदी मरीज मधुमेह से ग्रसित होते हैं। जबकि 40 फीसदी मरीजों को उच्च रक्तचाप की परेशानी होती है। पांच-पांच फीसदी मरीजों को चोट लगने और स्टेरायड दवा लेने से मोतियाबिंद हो रहा है।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र परीक्षण अधिकारी कृष्णमुरारी शर्मा ने बताया कि जांच के बाद जिन मरीजों में मधुमेह का स्तर बढ़ा रहता है, उन्हें पांच से दस दिन की दवा लेने के बाद बुलाया जाता है। सामान्य होने पर ऑपरेशन किया जाता है। उनका कहना है कि मधुमेह का स्तर बढ़ने पर नेत्र ज्योति पर तेजी से दुष्प्रभाव होता है। मधुमेह वाले मरीजों में मोतियाबिंद जल्दी और तेज होता है। लंबे समय तक उच्च रक्त शर्करा स्तर के कारण आंख के लेंस में रासायनिक परिवर्तन होते हैं, जो प्रोटीन को नुकसान पहुंचाते हैं और उन्हें जमा करने के लिए प्रेरित करते हैं। मधुमेह में हाई ग्लूकोज के स्तर के कारण लेंस में सूजन, बायोकेमिकल बदलाव और लेंस में तनाव पैदा होता है, जो मोतियाबिंद के विकास को तेज करता है।
पीएससीएस लेंस कैप्सूल के पास बनता है
संयुक्त अस्पताल के पूर्व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टीरियर सबकैप्सुलर (पीएससीएस) मोतियाबिंद मधुमेह रोगियों में विकसित हो सकता है। यह सामान्य मोतियाबिंद के विपरीत आंख के लेंस के केंद्र या नाभिक को प्रभावित करता है। पीएससीएस लेंस की पिछली सतह पर, लेंस कैप्सूल के पास बनते हैं। उन्होंने बताया कि मधुमेह के 25 फीसदी मरीजों में 10 वर्ष की उम्र में ही आंखों की रोशनी कम होने लगती है। 50 फीसदी मरीजों में 20 साल के अंदर इसका असर दिखने लगता है। ज्यादातर लोग इसे ढलती उम्र की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लापरवाही करना खतरनाक स्थिति होती है।
दस महीने में 32,306 ऑपरेशन
नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र ने बताया कि दस महीने में 32306 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। नोडल ने बताया कि एक साल का 43074 मरीजों के मोतियाबिंद का लक्ष्य है, लेकिन इस समय लक्ष्य से अधिक ऑपरेशन हो रहे हैं।
मधुमेह से ग्रसित मरीज में परेशानी
मोतियाबिंद होने की संभावना दोगुनी होती है।
गर्भवती महिलाओं को दृष्टि हानि का खतरा होता है
आंख की मांसपेशियों का पक्षाघात हो जाता है।
दोहरी दृष्टि और मधुमेह से संबंधित अन्य परेशानी होती है।
मधुमेह में आंखों का संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
मधुमेह के कारण धुंधली दृष्टि या बहुत गंभीर हो सकती है।
इस तरह से करें बचाव
अगर मधुमेह से ग्रसित हैं तो उसकी नियमित जांच कराएं।
खानपान में सावधानी बरतें, दवा नियमित लें
आंख में किसी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।