गाजियाबाद। डूंडाहेड़ा में प्रस्तावित बायो सीबीजी प्लांट का काम 50 फीसदी पूरा हो चुका है। निगम के अफसरों का दावा है कि काम पूरा होने के बाद अगले छह माह में सीएनजी का उत्पादन शुरू हो जाएगा। रोजाना 1700 किलो गैस का उत्पादन होगा। उत्पादित सीएनजी से शुरुआत में नगर निगम के वाहनों का संचालन होगा। भविष्य में उत्पादन बढ़ने पर सीएनजी को कंपनियों को बेचने की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर नगर निगम डूंडाहेड़ा में बायो सीबीजी प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रहा है। नगर निगम और निजी कंपनी के बीच इसको लेकर लिखित समझौता हुआ था। चार माह पहले प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया। नगर निगम के जलकल के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि प्लांट का निर्माण कार्य 50 फीसदी पूरा हो चुका है। अगले छह माह में काम पूरा होने के बाद सीएनजी उत्पादन का काम शुरू होगा।
-पानी से निकलने वाली गैस से बनेगी सीएनजी :
डूंडाहेड़ा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में स्थापित किए जा रहे इस प्लांट से न सिर्फ सीएनजी का उत्पादन होगा। बल्कि यह पर्यावरण को गंदी दुर्गंध से होने वाले नुकसान से भी बचाएगा। आसपास के लोगों को बदबू से निजात मिलेगी। जलकल के महाप्रबंधक ने बताया कि सीवरेज के पानी को ट्रीट करने के दौरान उससे जहरीली गंधयुक्त गैस निकलती है। इस गैस को मशीनों की मदद से एकत्र करके उससे सीएनजी बनाई जाएगी। इसमें नगर निगम का कोई पैसा खर्च नहीं होगा। बल्कि आमदनी का हिस्सा कंपनी नगर निगम को उल्टा देगी। इससे निगम की आय बढ़ेगी और शहर का विकास तेजी से होगा।
-साफ पानी का भी हो रहा इस्तेमाल :
डूंडाहेड़ा में 70 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट है। केपी आनंद ने बताया कि पानी को साफ करने के बाद उसको कंपनियों को दिया जा रहा है। वह अपने उत्पादन से जुड़े काम में इस पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे जमीन से होने वाले पानी के दोहन में कमी आई है।