गाजियाबाद। आवारा गोवंश खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और किसानों की फसल को बर्बाद कर रहें हैं। वहीं दूसरी और सरकारी आंकड़ों में शासन की ओर से दिए गए लक्ष्य से अधिक गोवंशों को संरक्षित कराया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने 31 मार्च तक सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में भिजवाने के आदेश दिए थे। विभाग की ओर से सात अप्रैल तक इसके लिए अभियान चलाया गया था। मगर जिले की सड़कों और खेतों में अब भी निराश्रित गोवंश घूम रहें हैं। निराश्रित गोवंशों के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिले में संचालित 22 सरकारी गोशालाओं में करीब 4640 गोवंश संरक्षित कर रखें हैं, जबकि जिले को 4543 गोवंशों को संरक्षित कराने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके बाद भी जनपद में बेसहारा गोवंश घूमते दिखाई दे रहे हैं। बेसहारा गोवंशों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। ये गोवंश सड़क पर वाहन चालकों और खेतों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से अनेक बार इन्हें पकड़वाने के लिए धरना प्रदर्शन भी किया जा चुका है।
- 864 पशु सहभागिता में दिए गए तो 211 पशुओं की हुई मृत्यु
मुख्यमंत्री पशु सहभागिता योजना के अन्तर्गत पशुपालन विभाग की ओर से जिले के किसानों को 864 गोवंश देखरेख के लिए सौंपे हैं। इसमें किसानों को पशुओं की देखरेख और चारे आदि की व्यवस्था के लिए 30 रुपये दिए जाते हैं। जबकि गोशाला में ज्यादा उम्र होने के चलते 211 पशुओं की मृत्यु हो गई है।
ब्लॉक गोशाला संरक्षित गोवंश
रजापुर 1 30
लोनी 5 505
भोजपुर 5 745
मुरादनगर 3 761
इसके अलावा नगर पालिका, नगर निगम और नगर पंचायतों में संचालित आठ गोशालाओं में 2599 पशुओं को संरक्षित कराया गया है।
- निराश्रित गोवंशों को पकड़वाने का काम लगातार किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के कर्मचारियों का सहयोग लिया जा रहा है।- डॉ. महेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी