गाजियाबाद। सहमति से स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने के नए आदेश के बाद जिले के उपभोक्ताओं की बेचैनी बढ़ गई है। शहर से लेकर देहात तक स्मार्ट मीटर लगाने जा रही ऊर्जा निगम की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ऊर्जा निगम के तीनों जोन के अलग-अलग कार्यालयों में बीते 15 दिन में 45 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने लिखित आवेदन देकर मीटर को प्रीपेड से पोस्टपेड करने की मांग की है।
बड़ी संख्या में लोग ट्वीट, ईमेल व अन्य माध्यमों से भी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। इसके अलावा रोजाना 100 से अधिक शिकायतें बिलों में गड़बड़ी और रिचार्ज करने पर बिजली चालू न हाेने की भी मिल रही हैं।
खास बात यह है कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों के पास इस मसले पर कोई ठोस जवाब नहीं है। इस बारे में मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि जो शिकायतें व आवेदन आते हैं, उनको उच्चाधिकारियों को भेजा जाता है। पोस्टपेड और प्रीपेड करने का निर्णय शासन स्तर से ही होगा, इसलिए जिला स्तर पर इसमें कुछ भी कर पाना संभव नहीं है।
जिले में 2.15 लाख मीटर प्रीपेड
जिले में ऊर्जा निगम ने अब तक 2.48 लाख उपभोक्ताओं के घर व प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इसमें ट्रांस हिंडन के 71 हजार, गाजियाबाद शहर के 90 हजार और लोनी व मोदीनगर के 87 हजार उपभोक्ता हैं। निगम ने 2.48 लाख में से 2.15 लाख उपभोक्ताओं के मीटर पोस्टपेड से स्वत: प्रीपेड कर दिए।
टीमों को झेलना पड़ रहा विरोध
निगम की टीम की ओर से शेष बचे उपभोक्ताओं के यहां भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा था, लेकिन जब से केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश सरकार की ओर से सहमति से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का आदेश आया है, तब से इस गति पर विराम लगा है। पहले जहां प्रतिदिन 1000 से 1200 मीटर लगाए जा रहे थे, अब यह आंकड़ा 500 के करीब रह गया है। शुक्रवार को विजयनगर के बिहारीपुरा, मोदीनगर, मुरादनगर समेत तमाम स्थानों पर मीटर लगाने गई टीमों को विरोध का सामना करना पड़ा और लोगों के हंगामे के कारण बैरंग लौटना पड़ा।
तीन हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की हो रही जांच
स्मार्ट मीटर प्रीपेड किए जाने के बाद 25 मार्च से लेकर अब तक रिचार्ज न होने पर एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली काटी जा चुकी है। इसमें 97 हजार के करीब उपभोक्ताओं ने पिछला बकाया जमा करके रिचार्ज करा लिया, लेकिन तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं समझी। ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार कराई गई है। इस बारे में मुख्य अभियंता ने बताया कि चिह्नित किए गए उपभोक्ताओं के यहां सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक पता चला है कि अधिकांश ऐसे उपभोक्ता हैं, जो दूसरे स्थान पर रह रहे हैं या फिर उन्होंने दो कनेक्शन ले रखे थे। विजिलेंस की टीम को भी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।