हिमांशी वाधवा ने बताया कि उनकी मुलाकात अभिषेक वर्मा से वर्ष 2024 में हुई थी। अभिषेक ने उनको अपने साथी दीपक और सूरज शर्मा से मिलवाया। आरोपियों ने उन्हें बताया कि वह वीआईआईटी एंटरप्राइजेज नाम से कंपनी का संचालन करते हैं और विदेश में नौकरी लगवाते हैं। पीड़िता ने बताया कि भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर उन्हें अपनी कंपनी का विज्ञापन भी दिखाया। झांसे में लेकर उनसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए।
इसके बाद कुछ अन्य लोगों को भी जोड़ने की बात कही। आरोप है कि वह अपने साथ कुछ अन्य लोगों को जोड़कर उनके पास विदेश में नौकरी लगवाने की बात करने पहुंचे। यहां आरोपियों ने उनसे 45 लाख रुपये और दस्तावेज लेकर चले गए। कुछ दिन बाद उन्होंने वीजा व अंजान कंपनी का नियुक्ति पत्र भेजा। जांच करने पर सभी दस्तावेज फर्जी मिले। तब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि आरोपियों ने अपना कार्यालय साहिबाबाद स्थित श्यामपार्क एक्सटेंशन में बताया था। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।