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गाजियाबाद में ब्राह्मण कार्ड खेल सकती है सपा

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गाजियाबाद में ब्राह्मण कार्ड खेल सकती है सपा
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गाजियाबाद। गठबंधन में सपा के खाते में गई गाजियाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी ब्राह्मण कार्ड खेल सकती है। पार्टी से टिकट की दावेदारी में तीन ब्राह्मण नेता सबसे आगे हैं, इनमें दो गैर सपाई है। टिकट के दावेदारों ने लखनऊ की दौड़ शुरू कर दी है। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक दो दिनों के अंदर हाईकमान गाजियाबाद लोकसभा सीट के प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। इसके बाद पार्टी संगठन और प्रत्याशी चुनाव की तैयारियों में जुट जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और रालोद के एक साथ आते ही नेताओं को इस गठबंधन की जीत की उम्मीद नजर आने लगी है। गाजियाबाद लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी की झोली में नहीं रही है, लेकिन गठबंधन के बाद सपा से टिकट पाने वालों की लंबी फेहरिस्त बन गई है। सपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मुन्नी टिकट के प्रबल दावेदारों में सबसे आगे हैं। इनके अलावा एक जाने माने कवि का नाम भी टिकट के दावेदारों की सूची में शामिल हैं। एक और गैर सपाई ब्राह्मण नेता भी सपा से टिकट पाने की जुगत में हैं। सपा से टिकट पाने के लिए जिलाध्यक्ष समेत कई नेता लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। सपा हाईकमान जीत के आंकड़ों के गणित को समझकर दावेदारों के नामों पर मंथन कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में समाजवादी पार्टी लोकसभा प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकता है।

6 से 7 लाख हैं ब्राह्मण वोटर
राजनीतिक दलों के आंकड़ों की मानें तो गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 6 से 7 लाख ब्राह्मण वोटर हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि राजनीतिक दल टिकट देने में उसी बिरादरी को तवज्जो दे सकते हैं जिस बिरादरी के वोटर सबसे ज्यादा हैं। हालांकि यह भी सच्चाई है कि बीते कई दशकों में यहां कभी ब्राह्मण सांसद नहीं चुना गया है। वोटों के बंटवारे के चलते ऐसा हुआ है, लेकिन इस बार माना जा रहा है कि ब्राह्मण प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा गया तो वोटों का ध्रुवीकरण हो सकता है।
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कांग्रेसियों का ‘लोकल’ को टिकट देने पर जोर, जल्द फैसला करेगा हाईकमान
- कांग्रेस में भी टिकट पाने के लिए दावेदार दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। इनमें कई बाहरी नेता भी शामिल हैं। हालांकि स्थानीय संगठन ‘लोकल’ को टिकट दिए जाने की पैरवी कर रहा है। ऐसे में अब कांग्रेस हाईकमान को फैसला करना है। अगले सप्ताह तक कांग्रेस अपने प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। कांग्रेस से पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल, पूर्व मेयर प्रत्याशी डॉली शर्मा, पूर्व विधायक केके शर्मा, कैलाश नाथ पांडेय, अर्चना दास समेत कई अन्य नेताओं ने भी संगठन के माध्यम से पार्टी हाईकमान को बायोडाटा भेजा है। इनमें से कई दावेदारों ने अब दिल्ली में अपनी करीबी नेताओं के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। इनके अलावा कई बाहरी नेता भी कांग्रेस से गाजियाबाद लोकसभा का टिकट पाने की जुगत में हैं। इन्होंने संगठन के माध्यम से बायोडाटा तो नहीं भेजा है, लेकिन सीधे हाईकमान से संपर्क साध रखा है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी गाजियाबाद जैसी अहम सीट पर पूरा होमवर्क करने के बाद ही प्रत्याशी उतारेगा। ऐसे में अभी प्रत्याशी का नाम घोषित होने में अभी चार-पांच दिन और लग सकते हैं। स्थानीय संगठन का कहना है कि अगले सप्ताह के शुरूआत में प्रत्याशी के नाम पर अंतिम निर्णय हो सकता है।
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