मेट्रो फेज-तीन में नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद तक बनने वाले कॉरिडोर को मोहननगर तक विस्तार दिया जाएगा। पहले फेज-तीन में वैशाली से मोहननगर तक कॉरिडोर का निर्माण होना था।
लखनऊ में हुई मुख्य सचिव की बैठक में दोनों कॉरिडोर को सांकेतिक मंजूरी प्रदान करने के साथ जीडीए से दोनों कॉरिडोर की एक सप्ताह के अंदर संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) मांगी है। अगले सप्ताह शासन में होने वाली बैठक में प्रोजेक्ट पर सहमति बनने के बाद अप्रूवल के लिए मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।
शासन की ओर से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहननगर तक के कॉरिडोर को मंजूरी प्रदान करने से अब जीडीए को फेज-तीन के दोनों कॉरिडोर की नए सिरे से डीपीआर तैयार करनी होगी। पहले जीडीए की डीपीआर में नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद तक 5.11 किमी लंबे कॉरिडोर की 1873.49 करोड़ लागत तय की गई थी। इस कॉरिडोर पर नोएडा सेक्टर-62, इंदिरापुरम वैभव खंड, शक्तिखंड और वसुंधरा सेक्टर-पांच पर स्टेशन शामिल है। इस कॉरिडोर का जंक्शन भी साहिबाबाद में बनना था। लेकिन शासन के निर्देश पर कॉरिडोर का मोहननगर तक विस्तार किया जाएगा।
डीएमआरसी के सुझाव को शासन ने माना
मेट्रो फेज-तीन में दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने अपनी डीपीआर में पहले नोएडा सेक्टर-62 से शुरू होने वाले कॉरिडोर को मोहननगर से जोड़ने का सुझाव दिया था। लेकिन बाद में प्राधिकरण की ओर से इस कॉरिडोर को साहिबाबाद तक सीमित रखने और वैशाली से मोहननगर कॉरिडोर बनाने की सांकेतिक मंजूरी देते हुए डीपीआर तैयार कराई गई थी। लेकिन लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएमआरसी के सुझाव को मानते हुए मौखिक मंजूरी दे दी गई।
दूसरे चरण में होगा वैशाली से साहिबाबाद कॉरिडोर निर्माण
मेट्रो फेज-तीन में वैशाली से मोहननगर तक का कॉरिडोर अब साहिबाबाद तक बनेगा। पहले वैशाली टू मोहननगर तक 5.06 किमी के प्रस्तावित रूट के अनुसार 2162 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई थी। इस कॉरिडोर पर वैशाली, प्रहलादगढ़ी, वसुंधरा सेक्टर-14, साहिबाबाद और मोहननगर स्टेशन बनने थे। अब इस कॉरिडोर का निर्माण दूसरे चरण में किया जाएगा।