सर्दियों में 10 गुना बढ़ जाता है डिप्रेशन
गाजियाबाद। मौसम में बदलाव और सर्दियां बढ़ने के साथ ही लोगों में डिप्रेशन की समस्या बढ़ने लगती है। सर्दियों के मौसम में यह समस्या आम दिनों की अपेक्षा 10 फीसदी तक बढ़ जाती है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि सर्दी में लोग अधिकतर घर में रहने लगते हैं और सामाजिक क्रियाकलाप में कमी आने लगती है। जिसकी वजह से समस्या बढ़ती है।
सर्दियों में बुजुर्गों को सबसे अधिक यह समस्या आती है। अधिकतर लोग घरों में रहते हैं और ठंड की वजह से शारीरिक श्रम की भी कमी हो जाती है। सर्दियों में डिप्रेशन का कारण अकेलापन भी है। इसके साथ ही डिप्रेशन का प्रमुख कारण है धूप की कमी होना। धूप से शरीर को विटामिन डी तो मिलता है इसके साथ ही इससे सेरेटिनिन नामक हार्मोन में भी बढ़ोत्तरी होती है। मनोचिकित्सक डा. संजीव त्यागी ने बताया कि सर्दियों में लोगों में सेरेटिनिन नामक हर्मोन की कमी हो जाती है। यह हार्मोन खुशी को बढ़ाने का कारक होता है। सर्दियों के मौसम में डिप्रेशन के मरीजों की संख्या सामान्य से दस फीसदी तक बढ़ जाती है।
क्या करें उपाय
- सर्दियों में धूप का आनंद लें।
- जहां तक हो सकेतो परिवार के लोगों के बीच रहें।
- अकेले कमरे में बंद ना रहें।
- मन में नकारात्मक विचार ना आने दें।
- अकेले हों तो पसंद के गाने सुनें।