सरकार चेत जाती तो नहीं होता हादसा
अगर दिल्ली सरकार चेत जाती तो गाजीपुर में कूड़े का पहाड़ ढहने से हादसा नहीं होता। गाजियाबाद में कौशांबी के रेजिडेंट्स ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गाजीपुर में कूड़े के पहाड़ को लेकर दायर की है। जिस पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिल्ली सरकार को चेताया था, लेकिन इस पर ध्यान ही नहीं दिया गया।
कौशांबी अपार्टमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने गाजीपुर डंपिंग ग्राउंड को हटाने की मांग करते हुए एनजीटी में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि डंपिंग ग्राउंड में कचरे की ऊंचाई करीब 50 मीटर तक पहुंच गई है, जिससे कचरे का पहाड़ बन गया। इसके साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और प्रदूषण बढ़ रहा है। आसपास की कालोनियों को दिक्कत हो रही है। याचिकाकर्ता व कारवा के अध्यक्ष विनय मित्तल ने बताया कि अगस्त 2015 में एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। बीती आठ अगस्त को सुनवाई में एनजीटी ने दिल्ली सरकार को इस कूड़े के ढेर को हटाने व इसका इस्तेमाल हाइवे की रोड निर्माण में करने का निर्देश दिया था, लेकिन दिल्ली सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।