गाजियाबाद। हरनंदीपुरम योजना के लिए जल्द ही जमीन की खरीद शुरू हो जाएगी। शासन से जमीन खरीदने के लिए 400 करोड़ का बजट मंजूर हो गया है। जमीन किसानों से सहमति के आधार पर ली जाएगी। इसके लिए जल्द ही समिति का गठन किया जाएगा। इस बजट से जमीन खरीदने का काम मार्च 2025 से पहले ही पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है। शासन से मिलने जा रहा बजट चालू वित्तीय वर्ष में ही खर्च किया जाना है।
हालांकि, 501 हेक्टेयर की इस आवासीय योजना में जमीन खरीद पर पांच हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। 400 करोड़ का बजट मंजूर हो जाने से इतना तय हो गया है कि जमीन खरीद का काम जल्द ही शुरू होने जा रहा है। मंगलवार को लखनऊ में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में इस बजट को स्वीकृति मिली। जीडीए के अधिकारी मीटिंग में वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े।
हरनंदीपुरम राजनगर एक्सटेंशन के पास बसाया जाना है। योजना पर कुल 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका एक तिहाई बजट जमीन खर्च में ही जाएगा। कुल आठ गांवों से जमीन खरीदी जाएगी। इसके लिए जमीन का रकबा तय हो चुका है। पहले चरण में 120 हेक्टेयर में योजना पर काम होगा।
इन गांवों की खसरा-खतौनी और जमीन के अन्य दस्तावेज की जांच चल रही है। दो हजार किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जाएगी। जीडीए के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि शासन से मिलने जा रहे बजट के बराबर ही प्राधिकरण की ओर से भी 400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस धनराशि का इंतजाम किया जा रहा है।
डीपीआर के लिए तय होगी फर्म
डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेशन फर्म के चयन के लिए निविदा मांगी गई थी। अभी तक तीन फार्मों ने निविदा डाली है। निविदा खुलने के बाद जिस कंसल्टेशन फर्म का प्रजेंटेशन बेहतर होगा, उसकी रिपोर्ट जीडीए की ओर से गठित समिति द्वारा शासन को भेज दी जाएगा। कंसल्टेशन फर्म का चयन शासन स्तर से होगा।