गाजियाबाद। जीडीए में संपत्ति से जुड़े लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए प्राधिकरण सभागार में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें 40 फरियादी आए, 19 का निस्तारण हुआ, जबकि सात प्रकरण में नियम न होने से उन्हें निरस्त कर दिया। 14 को सोमवार (29 मई ) का समय दिया गया। समाधान दिवस में म्यूटेशन, फ्री होल्ड संपत्ति की रजिस्ट्री, फ्लैटों की रजिस्ट्री, नक्शा स्वीकृति से लेकर अन्य प्रकरणों पर आवेदकों के निस्तारण के लिए आयोजन किया गया था।
सोमवार को जीडीए सचिव बृजेश कुमार की अध्यक्षता में जीडीए सभागार में सुबह 10 बजे से दो बजे तक समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें संपत्ति से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। जीडीए सचिव बृजेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को पहली बार समाधान दिवस आयोजित किया गया। लोगों को इन्होंने अपनी समस्याएं बताईं। इनकी समस्या सुनने के बाद अधिकारियों ने 19 प्रकरण का तुरंत निस्तारण कर दिया। सात प्रकरण ऐसे आए जिनका नियम नहीं होने के कारण उन्हें निरस्त कर दिया। 14 प्रकरणों में अगली कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों की स्वीकृति जरूरी है।
जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि समाधान दिवस में 76 प्रकरण ऐसे आए हैं, जिनमें जीडीए के स्तर से कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन लोगों द्वारा नामांतरण शुल्क जीडीए के कोष में जमा नहीं किया गया है। इसी कारण फाइल जनहित पोर्टल पर लंबित दिख रही है। ऐसी फाइलों के लिए पूर्व में एक नोटिस देकर आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। अब इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है। नामांतरण शुल्क जमा नहीं कराने वालों की सूची प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि लोग वेबसाइट पर जाकर जांच कर सकें। इसके बाद भी आवेदक 15 दिन में शुल्क जमा नहीं कराएंगे, तो उनका आवेदन निरस्त हो जाएगा। इस दौरान तहसीलदार दुर्गेश सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता मानवेंद्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता विनय वर्मा, वरिष्ठ लिपिक प्रभात चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
तीन साल से नहीं हो रहा था म्यूटेशन
गोविंदपुरम के सी-8/12 निवासी मालती ने बताया कि दो साल से म्यूटेशन नहीं हो रहा था। समाधान दिवस में तीन साल के बाद काम हो गया। अपर सचिव ने बताया कि मकान के कुछ हिस्से में कंपाउंडिंग को लेकर दिक्कत थी। इस कारण से म्यूटेशन में दिक्कत आ रही थी।