एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित शिखर सक्सेना के मुताबिक वह भवन निर्माण का व्यवसाय करते हैं। उनकी दोस्ती लोहा मंडी निवासी निखिल कुमार अग्रवाल से थी और व्यापारिक संबंध भी थे। वर्षों से लेनदेन और व्यापार होने के चलते एक दूसरे पर विश्वास भी रखते थे। बताया कि वर्ष 2019 में निखिल अग्रवाल ने उनसे अलग-अलग माह में 35 लाख रुपये नई फर्म खोलने के लिए उधार लिए। साथ ही इसमें होने वाले मुनाफे का झांसा भी दिया। आरोप है कि कोरोना काल में फर्म में घाटा होने की बात कहकर रुपये लौटाने के लिए समय मांगा। आरोप है कि कई बार तकादा करने पर उन्हें निखिल ने 12.50 लाख रुपये के चेक दिए जो बाउंस हो गए। पीड़ित का आरोप है कि कई बार बैठक और समझौता होने के बाद भी आरोपी ने उनके रुपये नहीं लौटाए। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपी निखिल अग्रवाल और उनकी फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।